One Stop Center Indore: पति जलाता था घी के दीपक, बच्चों को रहना पड़ता था भूखा

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 02:13 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि One Stop Center Indore । पति पत्नी के विवाद सुलझाने वाले वन स्टाप सेंटर में एक नया मामला सामने आया हैं। पति के रुपये पूजा पाठ और काले जादू में खत्म हो रहे थे। इससे बच्चे भूखे रह रहे थे। पत्नी उसे छोड़ने वाली थी। वन स्टाप सेंटर की मदद से दोनों में सुलह करवाई गई।

प्रशासक वंचना सिंह परिहार ने बताया कि एक महिला ने आवेदन दिया की पति से परेशान हूं, पति न किराने का सामान लाता है, न बच्चों की फीस भर रहा है न मेरा इलाज करवा रहा है। जब कोई भी जिम्मेदारी नहीं उठाता तो मैं इसके साथ क्यूं रहूं? कभी मुझे या बच्चों को कपड़े भी लाकर नहीं देता। जो मेरी मां लाकर देती है वही पहनते हैं।थोड़ा मैं कमाती हूं, थोड़ा मां मदद कर देती है। पति कभी कभी मन हो तो थोड़ा किराना ले आता है। पति पता नहीं कहां स्नान करने जाते हैं। पता नहीं कहां कहां बहनें बना रखी हैं। परिहार के अनुसार महिला का कहना था कि मुझे अब इसके साथ बिल्कुल नहीं रहना। मुझे भरण पोषण दिलवाया जाय, मैं बच्चों के साथ अलग रहूंगी, इसे तलाक भी नहीं दूंगी, नहीं तो ये किसी और से शादी कर लेगा।

देवरानी की अस्थियां रखी थी घर में

एकल परामर्श के बाद संयुक्त परामर्श के दौरान पता चला की उसकी देवरानी की मृत्यु हुई तो पति ने उसकी टोकरी ला रखी है। रोज उसकी पूजा करता है, घी और तेल के बड़े बड़े दिए जलाता है। ठीक ठाक कमाने के बावजूद घर पर और बीबी बच्चों पर ध्यान नहीं दे रहा। महिला के बच्चे से भी पूछताछ की गई तब ज्ञात हुआ पति दो स्थानों पर नौकरी करता है, बाहर से टिफिन लेकर खाना खाता है। पति का कहना था इसलिए पैसा नहीं बचता तो मैं घर खर्च कहां से चलाऊं? पर राशी का हिसाब मांगने पर वह हिसाब देने में असमर्थ रहा।

बच्चे रहते थे भूखे

परामर्शदात्री अल्का फणसे द्वारा बच्चों को बुलाकर उनसे भी सत्यता जानने का प्रयत्न किया गया तब बच्चे बोले की कोरा चावल खाते हैं या सेव से रोटी खा लेते हैं, कभी कभी मम्मी सब्जी लाती है तो सब्जी खाते हैं। इस बात पर पति को फटकार लगाई गई की टोकरी के सामने घी तेल के दिए जला रहे हो और बच्चों को खाने के लिए नहीं मिल रहा। पति के भाई को भी मध्यस्त बनाया गया की पति किसी बहन के नाम से किसी गांव में न जाए इसकी जिम्मेदारी आप लीजिए।

पति की एक स्थान की वेतन के १०,००० रुपये सीधे पत्नी के अकाउंट में जमा करवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए जिस राशि में खुद की कमाई मिलाकर पत्नी को पूरा घर खर्च चलाने और दोनो बच्चों की मासिक फीस भरने की जिम्मेदारी दी गई। पति ने मान्य किया की वो पीएफ से २०,००० रुपये की राशि निकालकर बच्चों की डेढ़ साल की बकाया फीस एक साथ भर देगा। पत्नी को ताकीद दी गई की पति को एक समय का टिफिन बनाकर पहुंचवाने की व्यवस्था करे।

पति दूसरे स्थान से मिलने वाली तनख्वाह खुद के खर्चे के लिए रखे जिसमें आना जाना, नाश्ता चाय, एक समय का टिफिन यह सब आराम से होकर भी उसके पास राशी बचेगी तो दोनों एक निश्चित राशी की रेकरिंग डिपॉजिट बच्चों के नाम से शुरू करें। पति की शिकायत थी की पत्नी की मां का बहुत हस्तक्षेप रहता है तो उन्हें भी समझाया गया कि कुछ महीने तक दोनों को अपना रिश्ता सम्हालने का वक्त दीजिए और आप थोड़ा आने जाना काम कर दीजिए।

Posted By: Sameer Deshpande