र्स्टाटअप में निचले पायदान पर मध्यप्रदेश, नंबर वन बनाने के लिए नंबर वन शहर इंदौर ने शुरू किया नवाचार

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 09:07 AM (IST)

उदय प्रताप सिंह, इंदौर। स्वच्छता में देश का नंबर वन शहर इंदौर अब प्रदेश को नंबर वन बनाने के लिए भी नवचार करने जा रहा है। इंदौर ये मदद र्स्टाटअप के क्षेत्र में कर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी स्टार्ट अप इंडिया की रेकिंग में अभी मप्र उभरते हुए राज्यों की श्रेणी में शामिल है, जबकि र्स्टाटअप के क्षेत्र में गुजरात राज्य नंबर 1 पर है।

प्रदेश की रैकिंग के सुधार के स्मार्ट सिटी ने इंदौर में इक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया। इसके संचालन का जिम्मा आइआइएम अहमदाबाद के इक्यूबेटर सीआइआइई डाट सीओ को जिम्मा दिया गया। इक्यूबेशन सेंटर में अभी युवाओं के 11 स्टार्ट अप आ चुके और दिसंबर माह के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 25 हाे जाएगी। इन स्टार्ट को यहां टीम आर्थिक मदद दिलवाने के साथ एक्सपर्ट के माध्यम से मार्गदर्शन भी दिलवाया जाएगा ताकि स्टार्ट अप के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म तैयार हो। अभी तक स्मार्ट सिटी के इक्यूबेशन सेंटर का शहर के तीन उच्च शिक्षा वाले संस्थान व यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू हाे चुका है।

आइआइएम व आइआइटी के साथ भी एमओयू की प्रक्रिया जारी है। इसका फायदा यह होगा कि इन संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र अपने स्टार्ट अप आइडिया स्मार्ट सिटी की टीम के साथ साझाा कर पाएंगे और उसे मूर्त दे पाएंगे। जो स्टार्ट इक्यूबेशन सेंटर में आएगे उन्हें कालेजों की लैब में अपने आइडिया को डेवलप करने का मौका मिल सकेगा। जिन संस्थानों के साथ एमओयू हुआ है, वहां पढ़ने वाले छात्रों से भी स्टार्ट अप आइडिया बुलवाए जा रहे है। इनमें से कुछ चयनित आइडिया को चार माह के प्रोग्राम शामिल किया जाएगा और उन्हें फंडिंग भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

तीन से पांच स्टार्ट अप आइडिया को 75 हजार से लेकर 3.6 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। इसमें अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग स्नातक कर चुके छात्रों के स्टार्ट अप को भी हर माह 30 हजार रुपये तक वित्तिय सहायता एक साल तक देने का प्रावधान रखा गया है।

निवेशकों को बुलाकार फंड दिलवाने का प्रयास

स्टार्ट अप तैयार करने वाले युवाओं के लिए निवेशक न मिलना एक बड़ी समस्या होता है। मप्र के अधिकांश स्टार्ट को मुंबई या बंगुलुरु जाकर ही निवेशक मिल पाए है। ऐसे में अब स्मार्ट सिटी के इक्यूसेंटर से युवाओं के जुड़ने पर उन्हें शहर में ही निवेशक मिल पाएंगे। अभी तक दो निवेशक एजेंसियां इंदौर आ चुकी है। जिसमें 150 से ज्यादा स्टार्ट अप में निवेश करने वाले मुंबई की एक बड़ी एजेंसी के संस्थापक भी हाल फिलहाल इंदौर आए थे।

नीति आयोग द्वारा स्टाटअप इंडिया की रैंकिंग -वर्ष 2019

बेस्ट परफार्मर- गुजरात (राज्य), अंडमान एंड निकोबार (केंद्र शासित प्रदेश)

लीडर- बिहार, महराष्ट्र, उड़ीसा व केरल

एसपायरिंग लीडर- हरियाणा, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड

स्टार्टअप इकोसिस्टम के उभरते राज्य- आंध्र प्रदेश, असम, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश

हर साल 35 से 40 स्टार्टअप को तैयार करने का लक्ष्य

हमारी कोशिश है कि हर वर्ष हम स्टार्ट रैंकिंग में एक श्रेणी ऊपर आ सके। तीन साल में हम भारत के बेस्ट परफार्मर राज्यों में शामिल हो सके। हर साल हमारा लक्ष्य 35 से 40 स्टार्टअप को तैयार करने का है। इसमें आठ से दस को फंड उपलब्ध करवाने का प्रयास भी करेंगे। मप्र की स्टार्ट अप पालिसी जल्द आने की उम्मीद है। जिसमें इक्यूबेटर व स्टार्ट अप के लिए बहुत सी महत्वकांक्षी योजना शामिल है।

- आदित्य व्यास, सीनियर मैनेजर सीआइआइई डाट सीओ

Posted By: Sameer Deshpande