HamburgerMenuButton

Indore Crime News: इंदौर में लाकडाउन में भी हो रहे अपराध, कहां है रखवाले

Updated: | Thu, 06 May 2021 10:05 AM (IST)

विपिन अवस्थी, इंदौर, Indore Crime News। इंदौर शहर में लाकडाउन है। सड़क पर घूमने वालों पर पुलिस 24 घंटे नजर रखने का दावा कर रही है। गश्त के लिए गाड़ियां भी सड़कों पर दौड़ रही हैं। इसके बावजूद वारदातें रुक नहीं रही हैं। नईदुनिया ने रात 12 से 2 बजे तक शहर के आधा दर्जन से ज्यादा इलाकों की पड़ताल की तो पुलिस कहीं नजर नहीं आई। पुलिस भी रात को गश्त कर क्राइम कंट्रोल करने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि मुख्य सड़कों से लेकर चौराहों तक और चेक पाइंट से लेकर पुलिस सहायता केंद्रों पर कहीं भी पुलिस नहीं है। कई संवेदनशील इलाकों में भी कोई जवान मौजूद नहीं रहता है। ऐसे में बदमाश पुलिस की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर वारदात कर रहे हैं। ऐसा एक भी दिन नहीं है, जिस दिन चोरी न हुई हो।

मंगलवार रात विजय नगर चौराहा, परदेशीपुरा चौराहा, पाटनीपुरा चौराहा, विश्रांति चौराहा, पंचम की फैल, रीगल तिराहा, घंटाघर चौराहा, गीता भवन चौराहा, मधुमिलन, हरसिद्धि चौराहा, पलसीकर चौराहा, कलेक्टोरेट तिराहा, जयरामपुर कालोनी, महू नाका, द्वारकापुरी चौराहा सहित कई जगह तलाशी गई लेकिन कहीं भी पुलिस नहीं मिली। हालात ये थे कि दिन में जहां चेक पाइंट होते हैं, रात को वहां जांच तक नहीं की जाती। जंजीरावाला चौराहे पर बनाया गया ट्रैफिक बूथ भी खाली था। मालवा मिल चौराहे पर बनाया गया पुलिस सहायता केंद्र भी बंद कर दिया गया था। परदेशीपुरा थाने के पास विश्रांति चौराहा और कुलकर्णी भट्टा के पास भी रात को पुलिस नदारद थी।

पिछली बार तीन महीने तक कोई केस दर्ज नहीं : मार्च-2020 से लाकडाउन के तीन महीने तक चोरी का एक भी केस दर्ज नहीं किया गया था। इस बार लाकडाउन लगने से लेकर अब तक लगातार वारदातें हो रही हैं। चोरी के साथ लूट, मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी की वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन वारदातें रोक नहीं पा रही। शहर के कुछ थाना क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो बाकी जगह बाइक और घरों में चोरी के केस दर्ज हुए हैं।

रात में कोरोना का भी खतरा नहीं कोरोना की चपेट में कई पुलिसकर्मी आ चुके हैं। दिन में गश्त करने में पुलिस को संक्रमण का खतरा भी है। रात में वारदात करने वाले सड़क पर घूमते हैं। इसके बावजूद पुलिस तैनात नहीं रहती, जबकि रात को कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा भी नहीं रहता है। मामले में अधिकारी भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

अपराध बढ़ने का अंदेशा था

पिछली बार लाकडाउन लगने पर क्राइम कम हो गया था। इसे लेकर अधिकारिक तौर पर भोपाल के आला अधिकारियों ने बैठक ली थी। इसमें स्पष्ट कहा गया था कि लाकडाउन खुलने के बाद चोरी सहित अन्य वारदातें बढ़ेंगी, इसलिए पुलिस को अलर्ट रहने की जरूरत है। कोरोना की दूसरी लहर में लाकडाउन लगा। बैठक में इस बार भी चर्चा हुई कि लाकडाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी, ऐसे में चोरी और लूट की वारदातें बढ़ेंगी, जिस पर पुलिस को नजर रखने की जरूरत है। इसके बावजूद पूरे शहर में पुलिस लापरवाही कर सुरक्षा की दृष्टि से एक भी जवान चौराहों व मौजूद नहीं है।

Posted By: Prashant Pandey
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.