HamburgerMenuButton

Indore News: सामाजिक समानता के अग्रदूत हैं अंबेडकर

Updated: | Wed, 14 Apr 2021 02:58 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि,Indore News। डा. भीमराव अंबेडकर सिर्फ संविधान निर्माता के रूप में ही नहीं जाने जाते हैं बल्कि उन्होंने भारतीय सामाजिक ताने-बाने में बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन किया। तत्कालीन समाज में भेदभाव और असमानताएं व्याप्त थीं। इन्हें दूर करने में डा. अंबेडकर का बड़ा योगदान रहा। वे सामाजिक समानता के अग्रदूत बनकर आए। यह कहना है सांसद शंकर लालवानी का। वे डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर कानूनी व सामाजिक संस्था न्यायाश्रय द्वारा डा. अंबेडकर एवं सामाजिक असमानता विषय पर आयोजित आनलाइन व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। संस्था अध्यक्ष एडवोकेट पंकज वाधवानी ने बताया कि मुख्य वक्ता जयपुर के अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद डा.आशुतोष पंत थे।

सामाजिक समरसता के आधुनिक निष्पादक

मुख्य वक्ता डा. पंत ने डा. अंबेडकर के प्रारंभिक जीवन में उनके द्वारा झेले गए सामाजिक असमानता से जुड़े संस्मरण बताएं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए जो प्रयास किए वे अतुलनीय हैं। आज समाज में जिस प्रकार की समानता दिखाई देती है उसमें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उनका अतुलनीय योगदान है।

कार्यक्रम के पूर्व अतिथि स्वागत संस्था के जयंत दुबे, मनोज यादव, मधुर जैन, प्रज्ञा काला, राकेश चौहान आदि ने किया। संस्था का परिचय अधिवक्ता पीयूष गोयल ने दिया। विषय परिचय पर बोलते हुए संस्था अध्यक्ष पंकज वाधवानी ने कहा कि संविधान निर्माता अंबेडकर द्वारा संविधान निर्माण के समय समान नागरिक संहिता पर अपने विचार व्यक्त किए थे। उक्त विचारों के अनुसार स्वयं अंबेडकर भी देश में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने के पक्षधर थे। तत्कालीन परिस्थितियों के चलते समान नागरिक संहिता राज्य के नीति निर्देशक तत्व के अंतर्गत एक लागू न होने वाले प्रविधान के भारतीय संविधान में स्थापित होकर रह गई। वर्तमान में समान नागरिक संहिता के प्रभावशील न होने की वजह से राष्ट्र में अनेक संकट उत्पन्न हो रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता के संबंध में प्रविधान किया गया है।कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता राहुल सुखानी ने किया। आभार मधुर जैन ने माना।

Posted By: gajendra.nagar
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.