इंदौर समाचार : भ्रष्टाचारी पटवारी को चार साल कारावास और एक करोड़ 80 लाख रुपये जुर्माने की सजा

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 08:22 AM (IST)

पत्नी, मां और नौकर के खातों में जमा मिले थे लाखों रुपये, आरोपित इन्हीं खातों के जरिए करता था बेनामी लेनदेन

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष न्यायालय ने मंगलवार को एक पटवारी का चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपित पर एक करोड़ 80 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। भ्रष्टाचारी पटवारी को नौकरी के दौरान 13 लाख 81 हजार रुपये वेतन के रूप में मिले थे लेकिन लोकायुक्त को उसके पास से दो करोड़ सात लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति मिली थी।

आरोपित ने पत्नी और मां के ही नहीं बल्कि अपने नौकर के बैंक खाते में भी लाखों रुपये जमा करा रखे थे। नौकर के खाते के जरिए ही उसने 85 लाख रुपये से ज्यादा का लेनदेन किया था। छापे के वक्त नौकर के खाते में साढ़े दस लाख रुपये जमा मिले थे जो आरोपित ने जमा कराए थे।

भ्रष्टाचारी पटवारी का नाम ओमप्रकाश पुत्र प्रहलाद विश्वप्रेमी निवासी बागपुरा सांवेर रोड़ उज्जैन है। 15 सितंबर 2011 को लोकायुक्त कार्यालय में सूचना मिली थी कि आरोपित ओमप्रकाश विश्वप्रेमी जो कि हल्का नंबर 61 लालपुरा उज्जैन का पटवारी है ने अनुपातहीन संपत्ति जमा की है।

प्रथम दृष्टत: सूचना सही पाए जाने के बाद आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान आरोपित के घर की तलाशी ली गई। पता चला कि आरोपित ने स्वयं के, पत्नी, मां और नौकर के नाम पर चल/अचल संपत्ति जमा कर रखी है। लोकायुक्त पुलिस को आरोपित के कब्जे से कई संपत्तियों के दस्तावेज, सोने-चांदी के जेवरात, चार पहिया और दो पहिया वाहन और विलासिया के अन्य साधन मिले।

नौकर के खाते में जमा थे साढ़े 10 लाख

लोकायुक्त पुलिस को आरोपित के नौकर के बैंक खाते में 10 लाख 47 हजार रुपये से ज्यादा रकम जमा मिली थी। आरोपित ने इस खाते के जरिए 85 लाख 54 हजार रुपयों का लेनदेन किया था। इसके अलावा भ्रष्टाचारी की पत्नी के दो खातों में 8,38,345 रुपए और 8,40,475 रुपये जमा मिले थे। उसने मां के खातों में भी पैसा जमा करा रखा था। इन खातों में से एक में 2,50,000 रुपये, दूसरे में 16707 तथा तीसरे में 1,02,500 रूपये जमा मिले थे। इन खातों के जरिए आरोपित बेनामी लेनदेन करता था। आरोपित ने पत्नी, मां और नौकर के नाम से अनुपातहीन संपत्ति जमा कर रखी थी। 12 मार्च 2015 को लोकायुक्त ने मामले में आरोपित के खिलाफ चालान प्रस्तुत कर दिया था।

चार साल कारावास और एक करोड़ 80 लाख रुपये जुर्माना

विशेष न्यायाधीश यतीन्द्र कुमार गुरू ने मंगलवार को प्रकरण में फैसला सुनाते हुए भ्रष्टाचारी पटवारी को चार साल कठोर कारावास और एक करोड़ 80 लाख रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। प्रकरण में अभियोजन की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियोजक महेन्द्र कुमार चतुर्वेदी ने की।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay