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इंदौर में आईजी ने कनाड़‍िया और भंवरकुंआ टीआई को किया लाइन अटैच

Updated: | Thu, 03 Dec 2020 08:00 AM (IST)

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वार्षिक निरीक्षण पर निकले आइजी योगेश देशमुख ने बुधवार को दो घंटे में दो थानों के प्रभारियों को लाइन अटैच कर दिया। आइजी ने हेड मोहर्रिर कक्ष, मालखाना और टीआइ के केबिन की बारीकी से जांच की। कनाड़िया टीआइ आरडी कानवा को अस्त-व्यस्त मालखाना देखकर लाइन अटैच कर दिया, जबकि भंवरकुआं टीआइ इंद्रेश त्रिपाठी दराज में चोरी की केस डायरी, नकली पिस्टल और चाकू मिलने पर थाने से हटा दिया। आइजी देशमुख सबसे पहले दोपहर 12 बजे कनाड़िया थाने पहुंचे। उनके साथ डीआइजी हरिनारायणाचारी मिश्र सहित अन्य अधिकारी भी थे। दरवाजे पर खड़ा संतरी सलामी देने में लड़खड़ाया तो आरआइ जयसिंह तोमर से कहा कि इसे सलामी और परेड सिखाओ। इसके बाद सीधे मालखाने में चले गए। यहां हथियार अस्त-व्यस्त थे। जब्ती माल के साथ अन्य सामान पड़ा हुआ था। गुस्साए आइजी ने टीआइ आरडी कानवा और एसआइ (एम) सुरेश मेहता को लाइन अटैच करने का फरमान सुना दिया। कुछ केस डायरी और हेड मोहर्रिर के कक्ष को भी देखा और कुछ देर बाद रवाना हो गए।

तुम टीआइ रहने लायक नहीं हो, तुम्हारे तो स्टार खींच लूंगा : आइजी यहां से सीधे भंवरकुआं थाने पहुंच गए। थाना परिसर तो चाकचौबंद था लेकिन परिसर में जब्ती के वाहनों ने नाराज कर दिया। मालखाने में रखे हथियारों को देखकर आइजी थोड़ा नाराज हुए और टीआइ इंद्रेश त्रिपाठी के केबिन में जाकर बैठ गए। रोजनामचा, रजिस्टर, केस डायरियों का इंडेक्स जांचा और लंबित अपराधों का पूछा। दराज खोलकर देखी तो उसमें चोरी के प्रकरण की केस डायरी थी। दराज में दवा भी मिलीं तो उन्होंने पूछा कि इतनी दवाइयों का क्या करते हो? टीआइ ने सफाई दी कि लोगों को बांटता हूं। दराज में नकली पिस्टल और एक चाकू भी मिला। आइजी ने पूछा तो टीआइ ने कहा कि दो दिन पहले बच्चों को पकड़ा था तो उनके पास से खिलौनानुमा हथियार मिले थे।

इसके बाद आइजी ने चुपचाप दराज में रखी चोरी की डायरी का अपराध क्रमांक देखा और टीआइ से कहा कि मुझे उक्त केस नंबर की डायरी चाहिए। कुछ देर थाने में ढूंढने का बहाना बनाकर टीआइ ने कहा कि डायरी छुट्टी पर गए एएसआइ के पास है। इतना सुनते ही आइजी भड़क गए और डायरी निकालकर टेबल पर रख दी। टीआइ से कहा 'तुम्हारे स्टार छीन लूंगा। तुम टीआइ रहने लायक नहीं हो'। फटकराने की आवाज बाहर तक सुनाई दे रही थी। आइजी ने सीएसपी दिशेष अग्रवाल से कहा कि तुमको भी ध्यान रखना था। आइजी ने टीआइ त्रिपाठी को भी लाइन अटैच कर दिया।

अपराध की रोकथाम के लिए थानों को अपडेट रखना आवश्यक है। प्रत्येक कमी समाज हित के कार्य और अपराध रोकने में बाधक बनती है। - योगेश देशमुख, आइजी इंदौर

Posted By: Prashant Pandey
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