VIDEO: गोलियां चलाने वाले गुंडों का इंदौर पुलिस ने निकाला जुलूस, कोर्ट ने पुलिस से पूछा क्यों किया ऐसा

Updated: | Thu, 29 Jul 2021 04:04 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Liquor Mafia Indore। कल तक जो बदमाश लाखों रुपये कीमती लग्जरी कारों में सवारी करते थे, वो मंगलवार को पसीना-पसीना हो रहे थे। जिस कालोनी में सीना ताने खड़े होते, वहां गर्दन झुकाए चल रहे थे। सिपाहियों ने डंडे लगाए तो कान पकड़कर गिड़गिड़ाने लगे। पुलिस ने घरों की तलाशी ली, तो कट्टा-पिस्टल और चाकू मिले। इन बदमाशों को देखने के लिए सड़क पर मजमा लग गया। उनके हाथ व पैरों में पट्टे बंधे थे और एक-दूसरे को सहारा देकर चल रहे थे।

हालांकि अगले दिन उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, तो कोर्ट ने इंदौर पुलिस से पूछा कि जब पुलिस ने इन्हें पूछताछ के लिए रिमांड में लिया था, तो इस तरह जुलूस निकालने की क्या जरूरत थी। पुलिस ने इन आरोपितों की फिर रिमांड मांगी, लेकिन आरोपितों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट से गुहार लगाई कि आरोपित सतीश भाऊ और चिंटू ठाकुर से पूछताछ बाकी है। उन्हें तीन दिन के रिमांड पर सौंपा जाए। आरोपितों ने इसका विरोध किया। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस पूछताछ के बजाय आरोपितों का जुलूस निकाल रही है। आरोपितों को पूछताछ के लिए दिल्ली भी नहीं ले जाया गया। जबकि इसी के लिए पिछली बार रिमांड लिया गया था। कोर्ट ने आरोपितों को दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपते हुए विजय नगर थाना प्रभारी से कहा है कि वे स्पष्टीकरण दें कि पूछताछ के बजाय आरोपितों का जुलूस क्यों निकाला गया। पुलिस ने बताया कि अभी भी मामले में कुछ आरोपितों की जानकारी हासिल करनी है। इस पर कोर्ट ने उनका रिमांड 30 जुलाई तक बढ़ा दिया।

इससे पहले विजय नगर थाना टीआइ तहजीब काजी के मुताबिक पुलिस आरोपितों के घरों से हथियार जब्ती करना चाहती थी। शाम करीब साढ़े छह बजे पांचों आरोपितों को उनके घर ले गए। सबसे पहले भाऊ को महालक्ष्मी नगर ले गए, लेकिन रास्ते में गाड़ी खराब होने से पैदल ही ले जाना पड़ा। पांचों बदमाशों को हथकड़ी लगा रखी थी। उनकी कई लोगों से दुश्मनी है, इसलिए बल भी ज्यादा था। इतनी संख्या में पुलिसकर्मियों को देख भीड़ लग गई। भाऊ और रितेश के हाथ में पट्टा बंधा था।

मोनू के पैर में फ्रैक्चर है, इसलिए वह डंडे के सहारे चल रहा था। यूं तो रितेश करोसिया चिंटू ठाकुर का शूटर है व उसके सामने हाथ बांधे खड़ा रहता है, लेकिन मंगलवार को चिंटू ही उसके हाथ को सहारा दे रहा था। गुंडों का ऐसा हश्र देख लोगों की भीड़ लग गई। चिंटू की तो शर्म से गर्दन झुक गई। भाऊ को घर ले गए तो आंखे भर आई। पुलिस ने तलाशी ली और पिस्टल जब्त कर ली। इसके बाद सूजीत को सूरज नगर, प्रमोद को राम नगर और रितेश को बंगाली चौराहा ले गए।

चार शादी के कारण नाराज था पिता से

टीआइ के मुताबिक रितेश चिंटू का खास शूटर है। वह उससे 10 हजार रुपये महीना लेता था। उस पर करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। चिंटू के इशारे पर ही उसने एमवाय अस्पताल में कैदी रामदयाल कोरकू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पूछताछ में बताया वह पिता कमल करोसिया से नाराज है। उसने चार शादियां कर ली, इसलिए उससे नफरत करने लगा था। कमल को लगता था रितेश उसकी भी हत्या कर सकता है। छोटे भाई को भी अपराधी बनाएगा, इसलिए उसने ही मुखबिरी कर पकड़वा दिया।

Posted By: Sameer Deshpande