कलम- अपनी भाषा, अपने लोग : चर्चा, जिसमें होंगी लेखक और लेखन की बातें

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 08:59 AM (IST)

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जासूसी की कहानियां, अपराध पर केंद्रित गंभीर उपन्यास और गुदगुदाते चुटकुले लिखने वाला यदि एक ही शख्स हो तो उसके लेखन, उसकी सोच और उसके व्यक्तित्व के बारे में हर पाठक जानना चाहता है। लेखन की विभिन्न् विधाओं से अपनी अलग ही पहचान बनाने वाले ख्यात लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक से रूबरू होने का मौका प्रभा खेतान फाउंडेशन दे रहा है। भाषा और बोलियों के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रयासरत प्रभा खेतान फाउंडेशन का प्रकल्प 'कलम- अपनी भाषा, अपने लोग' द्वारा साहित्य के शौकीनों को एक मौका दिया जा रहा है। फाउंडेशन द्वारा शनिवार की शाम इंटरनेट मीडिया के जरिए पाठक से चर्चा आयोजित की जा रही है। इस चर्चा में अंविता प्रधान हिंदी में जासूसी/अपराध कथा लिखने वाले प्रसिद्ध लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक से चर्चा करेंगी।

पाठक 60 वर्षों से रहस्य और रोमांच से भरे उपन्यासों का लेखन कर रहे हैं। उनकी लेखन शैली, उनके अनुभव, जीवन के अहम पल और लेखन से जुड़ी जानकारियों को उनके व हिंदी लेखन के मुरीद इस चर्चा के माध्यम से जान सकेंगे। कहानी '57 साल पुराना आदमी’, उपन्यास 'पुराने गुनाह नए गुनहगार' सहित 275 से अधिक उपन्यास, 45 से अधिक कहानी संकलन और चुटकुलों की 26 पुस्तकें लिखने वाले पाठक को इस चर्चा के जरिए जानने का मौका मिलेगा। आयोजन शाम 6 बजे से होगा। अहसास वुमन आफ इंदौर के सहयोग से हो रहे इस आयोजन का प्रिंट पार्टनर नईदुनिया है। News Updating...

Posted By: Prashant Pandey