दूसरे दिन भी नहीं खोज पाए तेंदुआ, इंदौर का चिड़ियाघर दर्शकों के लिए बंद

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 09:35 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। वन विभाग द्वारा बुरहानपुर से लाई गई मादा तेंदुआ शुक्रवार रात नौ बजे तक 48 घंटे बीतने बाद भी नहीं मिली है। इस घटना में वन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से हुई लापरवाही से दोनों तरफ के अफसरों का दम फूल गया है। दोनों एक दूसरे की लापरवाही गिना रहे हैं। इस बीच वन विभाग ने तेंदुआ के चिडियाघर होने की बात कही जबकि चिडियाघर प्रशासन अभी भी इस बात सहमत नजर नहीं आ रहा है।

इस बीच शुक्रवार को दर्शकों के लिए चिडियाघर अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।वन विभाग और चिड़ियाघर ने गुरुवार को रात 11.30 बजे सर्चिंग के बाद शुक्रवार को सुबह 3.30 बजे दोबारा सर्चिंग शुरू की। सुबह 4.30 बजे तेंदुआ के चिड़ियाघर के ब्रिज के पास नजर आने की बात वन विभाग के एक कर्मचारी द्वारा की गई। हालांकि कैमरे में दो जगह ब्रिज के पास और फाउंटेन के नजदीक बिल्ली प्रजाति के जानवर के होने की धुंधली छवि जरूर नजर आई है, लेकिन साफ तौर तेंदुआ नजर नहीं आ रहा है। सर्चिंग का अलग-अलग दौर दोपहर एक बजे तक चला। इस दौरान टाइगर, शेर, भालू और चिड़ियाघर के बीच से गुजर रहे नाले के आसपास सर्चिंग की गई। सर्चिंग में तेंदुआ के पग मार्ग नही मिले। इसका कारण बारिश और लोगों की आवाजाही होने भी बताया जा रहा है।

कर्मचारी ने कहा तेंदुआ नजर आया

सर्चिंग में शामिल कर्मचारी द्वारा बताया गया है कि सुबह करीब साढ़े चार बजे तेंदुआ नजर आया था। इस बात की तस्दीक जब की गई तो कैमरे की क्वालिटी खराब होने के चलते छवि साफ नजर नहीं आ रही है। घायल होने की वजह से अभी उसका मूवमेंट अधिक नहीं है। हो सकता वह किसी एक स्थान पर बैठा हो। दिन में उजाले और लोगों की चहल-पहल के चलते एक स्थान पर दुबका हो। रात में गहन सर्चिंग की जाएगी।- नरेंद्र पंडवा डीएफओ वन विभाग

अभी साफ तौर पर नहीं कह सकते कि तेंदुआ चिड़ियाघर में

अभी भी साफ तौर पर नहीं कह सकते कि चिड़ियाघर में गायब हुआ तेंदुआ मौजूद है। कैमरे में जो छवि मिली वह धूमिल है। आज दिनभर भी सर्चिंग की गई लेकिन इसमें कोई पुख्ता सुराग अभी नहीं मिले। रात में तेंदुआ की चहल-कदमी बढ़ जाती है। इसके चलते रात को सर्चिंग की जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। ट्रेक्यूलाइंजर, जाल, पिंजरे और रोशनी की व्यवस्था की गई है। - डा. उत्तम यादव, प्रभारी कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय

वन विभाग ने क्यों नहीं ली सुपुर्दगी की रिसिप्ट, नहीं उठाई घायल उपचार की जेहमत

- चिडियाघर प्रबंधन द्वारा बिना जांच किए रेसक्यू वाहन को कैसे चिड़ियाघर में खड़ी करने की अनुमति दे दी।

- वन विभाग की रेसक्यू टीम तेंदुआ को चिड़ियाघर प्रबंधन सुपुर्दगी की रिसिप्ट लिए बिना गेस्ट हाउस कैसे चले गए। जब तक तेंदुए को सौंपने की रिसिप्ट नहीं ली जाती, तब तक वन विभाग की टीम की जिम्मेदारी थी कि वाहन की निगरानी करे।

-रेसक्यू किए गए वन्य प्राणी को प्राथामिक उपचार की आवश्यकता होती जबकि 14 घंटे तक किसी ने उसकी सुध नहीं ली।

- इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा कि तेंदुआ कमजोर पिंजरे से बुरहानपुर से इंदौर लाए जाने के बाद कहीं भाग गया हो।

यह मामला

वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने बुधवार रात नौ बजे चिड़ियाघर में तेंदुआ लाने की सूचना प्रबंधन को देकर गाड़ी चिड़ियाघर में खड़ी कर दी। इसके बाद अगले दिन सुबह 11 बजे जब वन विभाग और जू के कर्मचारियों ने त्रिपाल से ढंके वाहन के पिछले हिस्से से त्रिपाल हटाई तो तेंदुआ पिंजरे में नहीं था। कमजोर पिंजरे के हिस्से की जाली उखड़ी हुई थी और इससे तेंदुआ भाग गया।

Posted By: gajendra.nagar