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वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटेरिया नहीं रहे, इंदौर के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन

Updated: | Wed, 12 May 2021 02:58 PM (IST)

इंदौर वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और लेखक शिव अनुराग पटेरिया का बुधवार सुबह इंदौर में निधन हो गया है। कोरोना संक्रमण के बाद उनका इंदौर के बाम्बे अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका आक्सीजन लेवल बहुत कम हो गया था। इस बीच दिल का दौरा पड़ने से आज सुबह आखिरी सांसें लीं। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने शिव अनुराग पटेरिया पटेरिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है, उन्होंने कहा कि उनका निधन पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि शिव अनुराग पटेरिया जनमुद्दों के लिए जूझने वाले पत्रकार थे। उन्होंने छतरपुर से आंचलिक पत्रकार के तौर पर 1978 में पत्रकारिता प्रारंभ कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के संदर्भों पर लिखीं उनकी पुस्तकें बेहद मूल्यवान कृतियां हैं। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि उनका जाना तमाम युवा पत्रकारों, पत्रकारिता जगत के लिए एक शून्य रच रहा है, जिसे भर पाना कठिन है। उन्होंने कहा कि पटेरिया ने अपनी पूरी जिंदगी पत्रकारिता, लेखन और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित कर दी। अन्याय के विरुद्ध लड़ते हुए वे पत्रकारिता में आए और अपनी धार बनाए रखी। वे स्वभाव से मृदुभाषी थे, किंतु अपनी पत्रकारिता में उन्हें जो लिखना और कहना होता था वही करते थे।

व्यवस्था के खिलाफ बंदूक, मध्य प्रदेश की पत्रकारिता, बिन पानी सब सून, पत्रकारिता के युग निर्माता राजेंद्र माथुर, मध्यप्रदेश संदर्भ, छत्तीसगढ़ संदर्भ, मप्र की जल निधियां, मप्र की गौरवशाली जल परंपरा जैसी अनेक कृतियों के वे लेखक थे। उन्हें राजेंद्र माथुर सम्मान, मेदिनी पुरस्कार, डा.शंकरदयाल शर्मा अवार्ड जैसे सम्मानों से शिव अनुराग पटेरिया को अलंकृत किया गया था। पटेरिया न सिर्फ पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में बल्कि मध्य प्रदेश के सार्वजनिक जीवन में भी सार्थक हस्तक्षेप रखते थे। उनके मार्गदर्शन में पत्रकारों की एक लंबी पूरी पीढ़ी तैयार हुई।

सीएम शिवराज और उमा भारती ने दी श्रद्धांजलि

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा, वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटेरिया जी के निधन से पत्रकारिता जगत में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है। उन्होंने अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज और सरकार के बीच एक सेतु बनने का कार्य किया। उन्होंने सदैव समाज के गरीब तबके के हित से जुड़े विषय उठाये और सरकार को सजग भी किया। श्रद्धेय शिव अनुराग पटेरिया जी पत्रकारिता की विरासत छोड़ कर गए हैं। वे अपने आप में पत्रकारिता की एक संस्था थे। मध्य प्रदेश संदर्भ व छत्तीसगढ़ संदर्भ समेत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पर आधारित उनकी अनेक किताबें नई पीढ़ी को सदैव मार्गदर्शित करती रहेंगी।

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम उमा भारती ने ट्वीट कर कहा कि मेरा भाई शिव अनुराग पटैरिया नहीं रहा, श्रद्धांजलि। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, बेहद नेकदिल, मिलनसार एवं सौम्य व्यवहार के धनी वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटेरिया जी के निधन से स्तब्ध और आहत हूं। उनका देवलोक गमन पत्रकारिता जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति एवं परिजनों को यह गहन दुख सहने का आत्मबल प्रदान करें।

Posted By: Prashant Pandey
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