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Hello Doctor Indore: हल्के बुखार, बदन दर्द व 95 फीसद से अधिक आक्सीजन सेचुरेशन होने पर होम आइसोलशन में हो सकता है इलाज

Updated: | Wed, 14 Apr 2021 05:00 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Hello Doctor Indore। जो मरीज एसिम्टपमेटिक हैं या उनमें कोविड के हल्के लक्षण है। ऐसे मरीज जिन्हें हल्का बुखार, हल्का बदन दर्द, आक्सीजन सेचुरेशन 95 फीसद से अधिक है उन्हें होम आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जा सकता है। जिस मरीज काे 101 डिग्री से अधिक बुखार हो, श्वास लेने में परेशानी हो, ब्लड प्रेशर 100 से कम हो। इसके अलावा यदि मरीज को डायबिटिज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारी हो और उसकी उम्र 65 साल से अधिक हो तो ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाना चाहिए।

ये बातें बुधवार को नईदुनिया के ‘हेलो डाक्टर‘ कार्यक्रम में होम आइसोलेशन के चीफ कार्डिनेटर और चाचा नेहरु बाल चिकित्सालय के अधीक्षक डा. हेमंत जैन ने पाठकों के पूछे गए सवालों के जवाब में कही। उन्होंने बताया कि इंदौर में एक साल में 55 हजार होम आइसोलेशन में रखे गए हैं और उनमें 3500 मरीजों को हाेम आइसोलेशन में मानीटरिंग के बाद अस्पतालों में भर्ती करवाया है।

होम आइसोलेशन में रहने पर मिलती है दवाई व किट

उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को एक किट दी जाती है, जिसमें आयुर्वेद व एलोपैथी की दवाएं होती है। इसके साथ ही उन्हें पल्स आक्सीमीटर दिया जाता है जिससे मरीज अपने हृदय की गति व आक्सीजन लेवल को हर चार-चार घंटे में नापकर अपलोड करते हैं। कोविड कंट्रोल कमांड सेंटर से डाक्टरों की टीम मरीज की रिपोर्ट की मानीटरिंग करती है और यदि मरीज की जांच रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी आती है तो टीम उसे एम्बुलेंस भेजकर अस्पताल में एडमिट करवाती है।

इन बातों पर विशेष रुप से दे ध्यान

1075 पर फोन कर ले सकते है मदद: यदि आप होम आइसोलेशन में है तो 1075 टोल फ्री नंबर पर काल कर मदद पा सकते है। पाजिटिन आने पर इस नंबर पर सूचना देते ही आपके पास मदद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम पहुंचती है।

जब तक आक्सीजन की जरुरत नहीं तब रेमडेसिविर नहीं : जब तक किसी मरीज को आक्सीजन की जरुरत नहीं होती और आक्सीजन सेचुरेशन 94 से कम न हो तब तक उसे रेमडेसिवीर इंजेक्शन की जरुरत नहीं होती है। यह रामबाण दवा नहीं है। इसके स्थान पर खून पतला करने वाली दवाएं और स्टेराइड्स काफी कारगर होती है। संक्रमण होने के सात से दस दिन बाद रेमडेसिविर लगाने का कोई औचित्य नहीं होता है।

संक्रमित होने के छठे दिन हो सिटी स्कैन: जिस दिन आप संक्रमित हुए है उसके छह दिन अगर आपका आरटीपीसीआर पाजिटिव है। इसके अलावा सर्दी, खांसी व बुखार के लक्षण हो तभी आप चिकित्सक की सलाह पर सिटी स्कैन करवाएं। आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट आने या उसके पहले सिटी स्कैन करवाना सही नहीं है।

कुछ अन्य सवाल और उनके जवाब-

सवाल: मैंने 12 मार्च को टीका लगवाया, उसके बाद मुझे बुखार चार से पांच दिन रहा। जांच में रिपोर्ट पाजिटिव आई। अब मैं टीके का दूसरा डोज कब लगवाऊ। क्या मुझे दोबारा कोविड जांच करवाने की जरुरत है? -विश्वनाथ सिंह, इंदौर

जवाब: पाजिटिव आने के डेढ़ माह बाद आप टीका लगवाए। आपको दोबारा कोविड जांच करवाने की जरुरत नहीं है।

सवाल: मेरी बहू 10 दिन पहले पाजिटिव आई। इसके बाद उसकी डिलीवरी हुई। बच्चे को अलग शिफ्ट किया। क्या व बच्चे को दूध पिला सकती है? - जगदीश सिंह, साउथ तुकोगंज इंदौर

जवाब: यदि मां पाजिटिव है, तो भी वो बच्चे को दूध पिला सकती है। बस उसे मुंह व नाक को मास्क से ढ़कना होगा और हाथ सैनिटाइज करवाना होगा।

सवाल: पाजिटिव आने के बाद कोई व्यक्ति होम आइसोलेशन के नियम का पालन कैसे करें? -असलम दुलावत, उज्जैन

जवाब: पाजिटिव आने के बाद आप होम आइसोलेशन में हैं तो घर के एक कमरे में रहें। सात दिन तक उस कमरे से बाहर न निकले। सात दिन बाद कमरे से बाहर निकले लेकिन घर से बाहर न जाए। 14 दिन बाद घर से बाहर जाए लेकिन मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग जरुर करें।

सवाल: होम आइसोलेशन का आसान तरीका क्या है? - भगवानदास कासट, स्कीम नंबर 140 इंदौर

जवाब: होम आइसोलेशन को निगम के इंदौर-311 एप से जोड़ा गया है। उस पर जानकारी दर्ज करते ही आरआरटी टीम आपके पास पहुंचेगी और आपको पल्स आक्सीमीटर व दवाएं दी जाएगी। वीडियो कांफ्रेसिंग से एक टीम आपक मानीटरिंग करेगी। 1075 नंबर से भी मदद ले सकते है।

सवाल: मुझे 27 मार्च को संक्रमण हुआ था, क्या अब दोबारा जांच करवाने की जरुरत है? -राजेन्द्र जैन, सुखलिया इंदौर

जवाब: आपको संक्रमण हुए 18 दिन बीत चुके है। ऐसे में अब आपको दोबारा जांच करवाने की जरुरत नहीं है। खांसी, तेज बुखार नहीं हो तो किसी भी तरह की अन्य जांचे न करवाएं। संक्रमित होने के 14 दिन बाद आप घर से बाहर जा सकते है।

सवाल: दो दिन पहले मुझे हाथ पैर दर्द हुआ। मैंने सीआरपी की जांच करवाई तो 14 प्रतिशत निकली। मैंने अपने परिवार के लोगों को होम आईसाेलेट अलग-अलग कमरे में कर दिया है? और दवाए भी ले रहे है? -अनिल जैन, इंदौर

जवाब: सबसे पहले आप काेविड की जांच करवाएं। जांच रिपोर्ट पाजिटिव तो ही दवाएं ले और जरुरी होने पर अन्य जांचे करवाए। सीआरपी जांच कोई ऐसा मापदंड नहीं जिससे यह पता कर सके कि आपको संक्रमण है या नहीं। डाक्टर की सलाह के बगैर जांचे न करवाए।

Posted By: Sameer Deshpande
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