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Naidunia Sehat Shala: जो आफिस में भी किया जा सके, वह है डेस्कटाप योग

Updated: | Tue, 22 Jun 2021 07:48 AM (IST)

इंदौर, (नईदुनिया प्रतिनिधि), Naidunia Sehat Shala। योग हमेशा संपूर्ण, संतुलित और सामंजस्यपूर्ण जीवन की राह दिखाता है, जिसमें मानव अपना संपूर्ण विकास कर सके। योग केवल एक के विकास की बात नहीं करता बल्कि सबका विकास, संतुलित विकास और विकास के साथ सामंजस्य स्थापित करने की बात करता है। योग इन तीनों को प्राप्त करने में सहायता भी प्रदान करता है। यह बात नईदुनिया सेहतशाला में योग विशेषज्ञ व योग चिकित्सक डा. हेमंत शर्मा ने कही। नईदुनिया सेहतशाला का तीसरा संस्करण सोमवार को संपन्ना हुआ। पांच जून से शुरू हुए इस 17 दिवसीय आयोजन में न केवल पाठकों ने भाग लेकर योगाभ्यास किया बल्कि विभिन्न रोगों के निराकरण के लिए कौन-कौन से आसन, प्राणायाम कारगर हैं, इसके बारे में जानकारियां भी प्राप्त की।

सोमवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर डा. शर्मा ने पोस्ट कोविड केयर के आसन भी कराए। इसके अलावा अंतिम दिन डेस्कटाप योग विशेष तौर पर कराया गया। यह योगाभ्यास खासतौर पर उन लोगों के लिए कराया गया जो आफिस में लंबे वक्त तक बैठकर कार्य करते हैं और समयाभाव के चलते योग नहीं कर सकते। जो लोग खड़े होकर या जमीन पर बैठकर योगाभ्यास नहीं कर सकते, वे भी डेस्कटाप योग कर सकते हैं। डेस्कटाप योग में जोड़ों का संचालन कराने लिए पैरों, घुटनों, कूल्हे के जोड़ का संचालन करना बताया। ऊपरी भाग के संचालन में कंधा, कोहनी, कलाई व अंगुलियों के संचालन के बारे में बताया। लंबे वक्त तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से रीढ़ संबंधी समस्या हो जाती है। इसके निदान के लिए गर्दन का अभ्यास करना बताया।

मिला खासा प्रतिसाद : योग से संबंधित जिज्ञासाओं को लेकर सवाल- जवाब का सिलसिला भी चला। इसमें मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के पाठकों ने योग विशेषज्ञ से सवाल भी पूछे। सत्र में आयोजित योग फोटो कांटेस्ट को भी खासा प्रतिसाद मिला और लोगों ने अपने फोटो भेजे जिसमें से कुछ फोटो अखबार में प्रकाशित तो किए ही गए, साथ ही नईदुनिया सेहतशाला फेसबुक पेज पर अपलोड भी किए गए हैं। आयोजन के सहयोगी गोविंद मसाले, सीवी रमन यूनिवर्सिटी, अमलतास इंडिया, पटेल मोटर्स, जियो रियलिटीज थे।

कार्य के दौरान अपनाएं ये बात

- कुर्सी पर बैठने के दौरान रीढ़ की हड्डी सीधी रखें।

- कुर्सी पर बैठें तो घुटनों को अंदर की ओर मोड़कर नहीं रखें।

- हर तीन घंटे में एक बार 10 मिनट के लिए लंबी, गहरी सांस लें और थोड़ा चलें।

- कार्य के दौरान लंबी गहरी सांस लें।

- कार्य के दौरान अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और योगिक श्वसन कर सकते हैं।

- मन के स्वास्थ्य के लिए कुछ घंटों में एक मिनट के लिए आंखें बंद कर मौन होकर बैठें और भीतर की सकारात्मकता को महसूस करें।

Posted By: Prashant Pandey
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