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Indore News: नोटिस तामिली में अब नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, जीपीएस से होगी निगरानी

Updated: | Mon, 21 Jun 2021 08:26 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Indore News। नोटिस तामिली के नाम पर अब फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। कोर्ट का नोटिस लेकर तामिल कराने जाने वाले आदेशिका वाहक को स्मार्ट फोन तामिली की प्रक्रिया की पूरी जानकारी अपलोड करना होगी। उसे बताना होगा कि नोटिस तामिल हुआ या नहीं। संबंधित व्यक्ति मौके पर नहीं मिला तो आदेशिका वाहक को मौके का फोटो अपलोड करना होगा। संबंधित व्यक्ति के मिलने की स्थिति में उसे नोटिस तामिल कराते हुए फोटो अपलोड करना होगा। सिर्फ इतना ही नहीं जिला कोर्ट में बैठे अधिकारी जीपीएस के जरिए आदेशिका वाहक की गतिविधियों पर नजर भी रखेंगे ताकि किसी फर्जीवाडे की गुंजाइश न रहे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एडीजे मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को प्रधान जिला न्यायाधीश डीके पालीवाल ने नेशनल सर्विस और ट्रैकिंग ऑफ इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेस (एनएसटीईपी) के तहत इंदौर में पदस्थ आदेशिका वाहकों को मोबाइल फोन वितरित किए गए। श्रीवास्तव ने बताया कि कई बार देखने में आता है कि न्यायालय से मामले में फैसला हो जाने के बाद जिसके विरुद्ध फैसला होता है वह न्यायालय में इस आधार पर आवेदन देता है कि उसे न्यायालय से जारी नोटिस मिला ही नहीं। वह आरोप लगाता है कि विपक्षी ने फर्जी नोटिस तामिली बताते हुए न्यायालय को गुमराह किया है।

अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अब आदेशिका वाहकों को मोबाइल फोन पर एप के जरिए अपनी हर गतिविधि को अपडेट करना होगा। इससे फर्जी तामिली की आशंका नगण्य हो जाएगी। ऐप के माध्यम से उक्त प्रोसेस (समंस/नोटिस/वारंट आदि) पीडीएफ फॉर्म में आदेशिका वाहक संबंधित व्यक्ति को दिखाएगा, उसके हस्ताक्षर ऐप में करवाएगा, उस व्यक्ति की फोटो लेगा, अपनी जीपीएस लोकेशन सेव करके सभी डिटेल अपलोड करेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि नोटिस सही तरीके से सही व्यक्ति पर तामिल किया गया है या नहीं।

Posted By: Sameer Deshpande
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