2010 से इंंदौर के ओल्ड जीडीसी का आडिट हो, सामने आएगी और गड़बड़ियां

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 02:44 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। माता जीजाबाई शासकीय गर्ल्स डिग्री कालेज (ओल्ड जीडीसी) में फीस घोटाले की जांच कर रही समिति अब परीक्षा शुल्क से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है। समिति सदस्यों ने उच्च शिक्षा विभाग को 2010 से कालेज का आडिट करवाने पर जोर दिया है। सदस्यों का कहना है कि परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों की संख्या, परीक्षा शुल्क जमा, कालेज खातों की जांच हो। इसके बाद कई और गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। हालांकि कालेज में पदस्थ महिला प्रोफेसर इस मामले में दबाव बना रही है।

ओल्ड जीडीसी में सत्र 2020-21 में पीजी की कुछ छात्राओं से फीस वसूलकर कर्मचारियों ने फर्जी रसीद थमाई। छात्रा की शिकायत के बाद जुलाई में तत्कालीन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अतुल गौड़ ने आनन-फानन में 71 हजार 200 रुपये जमा करवाए और इस्तीफा दे दिया जबकि नियमित कर्मचारी नेमीचंद गौड़ को अन्य विभाग में भेज दिया। अक्टूबर में तीन सदस्य समिति फीस घोटाले की जांच में जुटी। इस बीच 2011-12 में परीक्षा शुल्क में गड़बड़ी सामने आई। 2011 में पीजी कोर्स की परीक्षा खत्म होने के बाद कर्मचारी नेमीचंद ने 18 अक्टूबर 2011 में 81 छात्राओं की 64 हजार 800 और 19 नवंबर 2011 को 76 हजार 200 रुपये कालेज खाते में जमा करवाए। इसके दस्तावेज समिति को मिले हैं। इस गड़बड़ी को लेकर कालेज से सारे दस्तावेज मांगे है।

वहीं समिति ने गड़बड़ी को लेकर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डा. सुरेश सिलावट को बताया है। साथ ही सदस्यों ने 2010 से 2021 के बीच कालेज के खातों को आडिट करवाने का सुझाव दिया है ताकि कालेजों में कुछ और आर्थिक अनियमितताएं सामने आ सकेगी। मगर अधिकारी भी मामले को गंभीरता सेनहीं ले रहे हैं।

Posted By: gajendra.nagar