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दबाव मुक्त रचना ही होती है सफल

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 09:14 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर में इंटरनेट मीडिया के जरिए साहित्यिक गतिविधियों का क्रम जारी है। व्याख्यान, परिचर्चा से लेकर पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह भी आनलाइन ही हो रहा है। इसी कड़ी में संस्था अखंड संडे द्वारा साहित्यकार सदाशिव कौतुक के चौथे कहानी संग्रह 'खंडित होती शाश्वत अवधारणाएं" का लोकार्पण हुआ। समारोह में विमोचन करते हुए ख्यात उपन्यासकार व बिड़ला व्यास सम्मान से सम्मानित डा. शरद पगारे ने रचना पर विचार व्यक्त करते हुए इस संग्रह की कहानियां पूर्व में हुए मानवीय मूल्यों के पतन का प्रस्तुतीकरण हैं। कहानियों में मानवीय संवेदनाओं और मानवीय व्यवहार की विसंगतियों का जो विवरण दिया है वो दिल को छू जाता है। कहानीकार भालचंद्र जोशी ने कहा कि कोई भी रचना तब ही सफल होती है जब वह दबाव मुक्त होती है। हिंदी कहानी ने बहुत लंबा सफर तय किया है और कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। अब कहानी एक ऐसे मुकाम पर आ गई हैं जहां वह सभी तरह के राजनीतिक आग्रह और दुराग्रहों से मुक्त हो गई हैं।

प्रतापसिंह सोढ़ी ने कहा कि इस संग्रह की कहानियां समय से संवाद करती हैं। समाज में व्याप्त विसंगतियों पर लेखक ने प्रहार किया है। इनमें जीवन का सत्य प्रत्यक्ष रूप से परिलक्षित हुआ है जो पाठकों के दिलों-दिमाग को रोशन करेगा। सदाशिव कौतुक ने कहा कि विविध विषयों पर लिखी गई ये कहानियां पाठकों को सोचने पर विवश करेगी कि भविष्य क्या होगा। कार्यक्रम संयोजक मुकेश इंदौरी ने कहा कि ये कहनियां समाज में व्याप्त विसंगतियों का प्रतिबिंब हैं। आनलाइन हुए इस आयोजन में कई साहित्यकार उपस्थित थे।

Posted By: gajendra.nagar
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