यीशु के जन्म से पहले करनी है भौतिक, शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक तैयारी

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 11:22 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कैथोलिक अपनी पूजन विधि के नए वर्ष में प्रवेश के साथ ही प्रभु यीशु के जन्मदिन की तैयारी कर रहे हैं । यह तैयारी भौतिक, शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक चारों स्तरों पर करनी है । पिछले दो वर्षों में विशेषकर कोरोना काल में हम सबने अनेक कष्ट झेले हैं। अपने लोगों को खोया है। जीवन में अनेक प्रकार के संकट, समस्याएं, मुसीबतें आती रहती हैं, किन्तु ईश्वर इन सब का हल भी निकालते हैं । आज की बैंगनी मोमबत्ती हमें सिखाती है कि हमें आशा के साथ जीवन जीना है।

यह बात फादर सीबी जोसफ ने आगमन के पहले रविवार को रेड चर्च में कही। उन्होंने कहा कि आज की तैयारी का एक विषय प्रेम भी है। हमें एक दूसरे से प्रेम करना है। एक-दूसरे की गलती को क्षमा करना है। इस तैयारी मेंं हमें जागते रहना है। हमें सजग रहना है। हमें नियमों का पालन करना है। सबसे बड़ा काम हमें निरंतर प्रार्थना करनी है। इंदौर क्रिश्चियन मीडिया फोरम के फादर बाबू जोसफ व बीए अलवारिस ने बताया कि शहर के कैथोलिक नौ गिरजाघरों में बैंगनी रंग की मोमबत्ती जलाकर पवित्र मिस्सा की गई।

पारिवारिक बिखराव के कारण सात्विक खान-पान का अभाव

शास्त्रों में कहा गया है कि जैसा खाए तन वैसे होए मन। आज के समय में शुद्ध आहार मिलना मुश्किल हो गया है। इसका प्रभाव तन और मन दोनों पर बढ़ता है। आज हम परिवार में बिखराव देख रहे है। पारिवारिक बिखराव का एक कारण सात्विक खान-पान का अभाव भी है। यह बात संत आनंद चैतन्य महाराज ने संत सेवालाल मार्केट टेकरी पर रविवार को कही। वे अखिल भारतीय चेतन साधक परिवार द्वारा आयोजित दो दिवसीय गीत रामायण सत्संग ज्ञानयज्ञ के समापन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि सात्विक आहार न ग्रहण करना भी व्यक्ति के चरित्र का पतन कारण है। समाज को विघटन से बचाने के लिए आपसी भाईचारे का होने अत्यंत आवश्यक है। आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करना हम सबका दायित्व है। संत आनंद महाराज ने इस अवसर पर भगवान कृष्ण का पूजन किया। समिति के अध्यक्ष ऋषि राठौर, देवेंद्र सिंह राठौर, मोहन राठौर, रामेश्वर पवार, सज्जन सिंह राठौर,किशोर चौहान आदि मौजूद थे।

Posted By: gajendra.nagar