सीसीटीवी कैमरे की जद में रहेगा इंदौर में थाना, हवालात और टीआइ का कैबिन

Updated: | Sat, 04 Dec 2021 11:45 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पुलिस अफसर अब अवैध हिरासत और हिरासत में मौत के मामलों पर पर्दा नहीं डाल पाएंगे। पुलिस मुख्यालय उन्हें तीसरी नजर में कैद करने जा रहा है। थाना परिसर, हवालात और टीआइ के कैबिन को भी सीसीटीवी कैमरे की जद में लिया जाएगा। 18 महीने तक इसकी रिकार्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी ताकि जांच में सहयोग कर सके।

रेडियो में पदस्थ सीनियर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने हाल में इसकी प्रक्रिया की शुरुआत की है। एसपी के मुताबिक केंद्रीय एजेंसी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। पिछले दिनों इसके लिए पूरे प्रदेश के 1200 थानों और 500 पुलिस चौकियों में कैमरे लगाने का खाका तैयार कर करीब 67 करोड़ की योजना स्वीकृत की है। एसपी के मुताबिक खास बात यह कि कैमरों की कमांड जिला के साथ पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) कंट्रोल रूम में होगी। सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ वॉइस रिकार्डिंग भी सुरक्षित होगी। इस योजना में महिला थाना और जीआरपी थानों को भी शामिल किया गया है।

कैमरे खराब होने का बहाना बना देते पुलिसवाले

थानों में अभी भी कैमरे लगे हुए हैं। कईं थानों में कैमरे खराब है लेकिन कई में कैमरे चालू हालत में है, लेकिन थानों में मारपीट, अवैध हिरासत, वसूली जैसे आरोपों पर जांच बैठते ही पुलिस अफसर कैमरे खराब होने का बहाना बना देते हैं।

इन मामलों में लगे पुलिस पर आरोप

पिछले दिनों तिलक नगर थाने में एक युवती ने अवैध तरीके से हिरासत में लेने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। कोर्ट इस मामले में नाराजगी जाहिर कर चुकी है। ड्रग तस्कर वेदप्रकाश व्यास ने भी पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाया था।

Posted By: gajendra.nagar