HamburgerMenuButton

Solar Power Plant Indore: इंदौर में ग्रीन मसाला बाण्ड प्रोजेक्ट में फिर जान फूंकने की तैयारी

Updated: | Mon, 14 Jun 2021 06:12 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Solar Power Plant Indore। नगर निगम ने जलूद के पास 500 करोड़ रुपये के सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए ग्रीन मसाला बाण्ड जारी करने की तैयारी तेजी से शुरू कर दी है। प्लांट निर्माण के लिए 400 एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसके लिए निगम ने विशेष टीम को लगाया है। अफसरों का दावा है कि जमीन सरकारी है, जिसे लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जमीन मिलने के बाद लंदन और सिंगापुर स्टाक एक्सचेंज के माध्यम से ग्रीन मसाला बाण्ड जारी करने की तैयारी शुरू होगी। पैसा जुटने के बाद प्लांट निर्माण के लिए एजेंसी को चुना जाएगा।

सोलर प्लांट की स्थापना की जरूरत इसलिए पड़ रही है, क्योंकि जलूद और यशवंत सागर आदि जगहों से जलप्रदाय के लिए निगम को वर्तमान में 20 करोड़ रुपये महीने का बिजली बिल चुकाना पड़ता है। जलूद के पास समराज गांव में बनने वाला प्लांट 100 मेगावाट क्षमता का होगा। अफसरों का कहना है कि उक्त प्लांट से निगम का बिजली बिल घटकर 10 करोड़ रुपये रह जाएगा। इस तरह प्लांट की लागत सात साल में वसूल हो जाएगी। सोलर पावर प्लांट की उम्र 25 साल मानी जाए, तो इस हिसाब से निगम को 18 साल तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। प्रदेश के किसी निकाय द्वारा सोलर ऊर्जा के लिए ग्रीन मसाला बाण्ड पहली बार जारी किए जा रहे हैं।

बजट में भी रखे हैं 100 करोड़

निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये रखे हैं। यह प्रावधान इसलिए किया गया है, क्योंकि यह काम अब सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने निगम के अपर आयुक्त बीरभद्र शर्मा को प्रोजेक्ट पर विशेष ध्यान देने को कहा है। अपर आयुक्त ने बताया कि बाण्ड का नाम ग्रीन मसाला बाण्ड इसलिए रखा गया है, क्योंकि विदेशों में ऐसे कई फंड हैं, जो पर्यावरणहितैषी योजनाओं में पैसा लगाते हैं। विदेशों में बाण्ड जारी करने से पहले निगम राज्य सरकार से इसकी औपचारिक अनुमति भी लेगा, लेकिन यह सब जमीन मिलने के बाद होगा। प्लांट के लिए समराज गांव में प्लांट के लिए ली जा रही जमीन सरकारी है, इसलिए उसे लेने में ज्यादा समस्या नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से करवाएंगे रेटिंग

निगम के अपर आयुक्त बीरभद्र शर्मा ने बताया कि निगम की बिजली जरूरतों के लिए करीब ढाई साल पहले ग्रीन मसाला बाण्ड जारी करने का निर्णय हुआ था। अब प्लांट के लिए जमीन मिलने का काम अंतिम चरण में है। बाण्ड जारी करने से पहले नगर निगम को रेटिंग करवानी पड़ेगी। चूंकि सारी प्रक्रिया इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कंपनी लि. की तरफ से हो रही है, इसलिए नगर निगम के साथ स्मार्ट सिटी कंपनी की भी रेटिंग करवाई जाएगी। निगम ने समराज गांव की जमीन लेने के लिए विशेष टीम को लगाया है। प्लांट स्थापित होने के सात साल बाद लागत निकलने का अनुमान है।

Posted By: Sameer Deshpande
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.