इंदौर में निजी अस्पताल संचालकों को किया सावधान, कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखो 10 प्रतिशत बेड

Updated: | Tue, 07 Dec 2021 09:29 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि । कोरोना की तीसरी लहर में ओमिक्रोन के संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने निजी अस्पताल संचालकों को भी सावधान किया है। निजी अस्पताल संचालकों से कहा गया है कि वे जिन अस्पतालों की क्षमता 50 बेड से अधिक है, वहां कम से कम 10 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी।

रवींद्र नाट्यगृह में सोमवार शाम को कलेक्टर मनीषसिंह ने निजी अस्पताल संचालकों की बैठक रखी। कलेक्टर ने सभी अस्पताल संचालकों और डाक्टरों को आगाह किया कि आपको अभी से तैयार रहना है। ओमिक्रोन संक्रमण से निपटने के लिए अपने स्टाफ को भी तैयार करें। जिले के अस्पतालों में लगभग 10 हजार बेड की व्यवस्था रहेगी। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी। इनके लिए अस्पतालों में विशेष बेड रखे जाएंगे।

टीके लगवाने वाले भी ओमिक्रान से हो रहे संक्रमित

जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डा. निशांत खरे ने कहा कि एक साउथ अफ्रीकन डाटा के अनुसार पता चला है कि ओमिक्रोन संक्रमण का फैलाव तेज गति से होता है। ऐसे लोगों को भी भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है जिन्होंने टीके नहीं लगवाए हैं। टीका लगवाने वाले व्यक्तियों और ऐसे व्यक्ति जिन्हें पूर्व में कोरोना हुआ है वे भी संक्रमित हो रहे हैं। कोई भी अस्पताल अभी वर्तमान में कोरोना मरीजों को भर्ती करने से मना नहीं करें। बैठक में डा. हेमंत जैन ने भी संबोधित किया। बैठक में गौरव रणदिवे, अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर, सीएमएचओ डा. बीएस सैत्या सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Sameer Deshpande