राधा स्वामी कोविड सेंटर इंदौर को फिर तैयार करेंगे, सैंपलिंग भी बढ़ाएंगे

Updated: | Tue, 07 Dec 2021 06:29 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को जिले में फैलने से रोकने की तैयारियों को लेकर कलेक्टर मनीषसिंह ने सोमवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इन जगहों पर संक्रमण फैलने पर इसका असर इंदौर पर भी पड़ता है। जरूरी है कि हम ओमिक्रोन को लेकर अभी से तैयार हो जाएं। नए वैरिएंट के इंदौर में आने की आशंका के चलते कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राधा स्वामी कोविड सेंटर को एक बार फिर से तैयार किया जाए। जिन अस्पतालों में 50 से ज्यादा बेड हैं वहां कोविड के मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखे जाएं। इसके अलावा जिले में सैंपलिंग बढ़ाई जाए और जो लोग संक्रमित पाए जाएं उनकी जिनोम सीक्वेंसिंग भी अनिवार्य रूप से कराई जाए ताकि पता चल सके कि कहीं वे ओमिक्रोन से संक्रमित तो नहीं।

अस्पतालों में आरक्षित किए जाएं बेड

कलेक्टर ने कहा कि जिले के वो अस्पताल जिनमें 50 से ज्यादा बेड हैं उनमें कुछ बेड कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित रखे जाएं ताकि संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में व्यवस्था संभाली जा सके। कलेक्टर ने सभी एसडीएम से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में पहले से स्थापित कोविड केयर सेंटर को फिर से स्थापित करें। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेक़र को निर्देश दिए कि राधा स्वामी सत्संग सेंटर में बनाए गए कोविड केयर सेंटर को भी दो से तीन दिन में फिर स्थापित किया जाए।

ऑक्सीजन प्लांट की गुणवत्ता जांचें

जिले में 46 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाना हैं। इनमें से 43 प्लांट चालू स्थिति में हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निरंतर 12 घंटे इन ऑक्सीजन प्लांट को चलाकर जांच की जाए और गुणवत्ता जांची जाए। कोई कमी मिले तो उसे तुरंत दूर किया जाए।

जिन स्कूलों में 50 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थी उन्हें बंद कराएं

कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. बीएस सेत्या को निर्देश दिए कि वे एंबुलेंस संचालकों से बात करें ताकि जरूरत पड़ने पर पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस उपलब्ध हो सकें। विदेशों से आ रहे लोगों के सैंपलों की जांच की व्यवस्था यथावत रखी जाए। कलेक्टर ने कहा कि जो स्कूल राज्य शासन द्वारा जारी कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन कर रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करें और जिन भी स्कूलों में 50 प्रतिशत क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है उनको सील कर तत्काल बंद कराया जाए।

Posted By: gajendra.nagar