Religious Indore News: भागवत जीवन जीने की कला सिखाता

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 02:36 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Religious Indore News। आल इंडिया मूवमेंट फ़ार सेवा (एम्स) के प्रदेश प्रमुख स्वामी ऐश्वर्यानंद सरस्वती ने एक औपचारिक समारोह में गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एवं देश के मूर्धन्य भागवताचार्य केशव डोंगरे महाराज द्वारा रचित भागवत ग्रंथ का लोकार्पण किया। गीता प्रेस ने पहली बार किसी मूल ग्रंथ के बजाय डोंगरे महाराज द्वारा रचित इस टीका ग्रंथ का प्रकाशन किया है। शहर के समाजसेवी ब्रह्मलीन हरिशंकर गुप्ता एवं पुरुषोत्तम गुप्ता की पुण्य स्मृति में प्रकाशित इस ग्रंथ में डोंगरे महाराज ने सरल एवं सुबोध शब्दों में जीवन की जटिलताओं एवं संशयों को सुलझाने के अद्भुत प्रयोग लिखे हैं।

स्वामी ऐश्वर्यानंद सरस्वती ने इस मौके इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिससे पढ़ने और समझने के बाद किसी अन्य ग्रंथ की जरुरत ही नहीं पड़ेगी। डोंगरेजी महाराज की अमृतवाणी से भरपूर यह ग्रंथ वाचन, मनन और अध्ययन के लिए सर्वथा उपयुक्त है। गीता व्यक्ति को जीवन जीने की कला सिखाती है। गीता के निरंतर अध्ययन से हम उसके मर्म को समझ पाते है। संतों ने इसकी व्याख्या सरल भाषा में मानव मात्र के कल्याण के लिए की। इस कल्याणकारी ग्रंथ का लाभ जन-जन को मिले। इसका सतत प्रयास जारी रहना चाहिए। कार्यक्रम में बंटी गुप्ता, प्रतीक गुप्ता, गगन गुप्ता, चंद्रशेखर स्वामी, राहुल बड़ोले एवं हरीश नाइक उपस्थित थे जिन्होंने स्वामी ऐश्वर्यानंद का स्वागत करते हुए ग्रंथ की भूमिका बताई। इस ग्रंथ की एक हजार प्रतियां गुप्ता की ओर से शहर के प्रबुध्दजनों को भेंट की जाएगी।

Posted By: gajendra.nagar