Religious Indore News: पाप क्रेडिट कार्ड, पुण्य डेबिट कार्ड

Updated: | Mon, 27 Sep 2021 09:53 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Religious Indore News। संसार का प्रत्येक जीव हमेशा अखंड रहना चाहता है, मरना कोई नहीं चाहता। भागवत जैसे धर्म ग्रंथ पवित्रता के मार्ग पर बढ़ने के लिए हमारा मार्ग प्रशस्त करते हैं। शुकदेव ने भक्त ध्रुव, प्रहलाद, गजेंद्र और भरत के माध्यम से जो कुछ कहा वह हमसब के लिए भी उपयोगी है। भागवत के उपदेश और संदेश हमारे लिए अमृत तुल्य है जो जीवन के संशयों में हमें सही राह दिखाते हैं। हम यदि अपना मूल्यांकन करें तो हर व्यक्ति की फितरत मनमाना आचरण करने की है। पाप क्रेडिट कार्ड और पुण्य डेबिट कार्ड है। पाप प्रवृत्ति पहले अच्छी लगती है लेकिन बाद में विनाश करती है। पुण्य पहले कठिन लगता है, फिर जीवन को संवार देता है।

यह बात श्रीधाम वृंदावन के महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने कही। वे स्कीम नंबर-54 स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर 'नक्षत्र" की दूसरी मंजिल पर श्रीमद भागवत ज्ञानयज्ञ में संबोधित कर रहे थे। कथा श्रवण के लिए मालवांचल के अनेक साधु-संत भी आए। संतश्री के साथ पधारी साध्वी कृष्णानंद ने अपने मनोहारी भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। कथा प्रतिदिन दोपहर चार से शाम सात बजे तक होगी।


कथा में सुसज्जित टोकनी में आए नन्हें कृष्ण

इसके अतिरिक्त राम एवं कृष्ण जन्म के उत्सव भी धूमधाम से मनाए गए। जैसे ही नन्हें कृष्ण को सुसज्जित टोकनी में ले कर वासुदेव, नंदबाबा और यशोदा मंच पर ले कर आए, सभागृह "नंद में आनंद भयो और हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की' के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों ने पुष्प वर्षा की। माखन मिश्री का प्रसाद वितरण किया गया। 28 सितंबर को रूक्मणी विवाह तथा 29 सितंबर को सुदामा चरित्र प्रसंग की कथा एवं उत्सव होंगे। भक्तों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कथा का पुण्य लाभ उठाने का आग्रह किया गया है।

Posted By: gajendra.nagar