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Land Mafia Indore: इंदौर में फिर शुरू होगी भू-माफिया के खिलाफ रुकी हुई कार्रवाई

Updated: | Mon, 14 Jun 2021 05:22 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Land Mafia Indore। कोरोना महामारी की दूसरी लहर शुरू होने के साथ ही शहर में भू-माफिया के खिलाफ चल रही प्रशासन की कार्रवाई थम गई थी। पर अब संक्रमण की लहर थमने के बाद एक बार फिर भू-माफिया के खिलाफ रुकी हुई कार्रवाई शुरू होने वाली है। इसके लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। शुरुआत श्रीमहालक्ष्मी नगर, न्याय नगर और जागृति गृह निर्माण सहकारी संस्था की राजगृही कालोनी में पात्र और पीड़ित सदस्यों को भूखंडों का आवंटन किया जाएगा।

श्रीमहालक्ष्मी नगर देवी अहिल्या श्रमिक कामगार गृह निर्माण सहकारी संस्था की कालोनी है। इसकी जमीन निपानिया में तुलसी नगर के पास है। श्रीमहालक्ष्मी नगर ए, बी, सी और डी सेक्टर में बंटा है। प्रशासन और सहकारिता विभाग ने ए-सेक्टर के लिए शिविर लगाकर प्लाट के दावेदारों के दस्तावेज जुटा लिए हैं। ए-सेक्टर में करीब 200 लोगों के दस्तावेज आए थे। इसमें 58 सदस्यों को उनके भूखंड का कब्जा भी सौंप दिया है, लेकिन बचे हुए सदस्यों के भूखंड को लेकर विरोधाभास है।

दरअसल, इन सदस्यों में किसी के पास भूखंड की रजिस्ट्री है तो किसी के पास उसी भूखंड की रसीद भी है। ऐसे प्रकरणों का निराकरण अभी नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ प्रशासन बी, सी और डी सेक्टर के लिए भी शिविर लगाएगा। इसके बाद दस्तावेजों की छंटनी कर पात्र लोगों को उनके भूखंड सौंपे जाएंगे। कलेक्टर मनीषसिंह ने बताया कि श्री महालक्ष्मी नगर के अलावा राजगृही और न्याय विभाग कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था की कालोनी न्याय नगर एक्सटेंशन के लिए भी पात्र सदस्यों को भूखंड आवंटन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

न्याय नगर में अवैध कब्जे, राजगृही की जमीन में हेराफेरी

शहर के एमआर-9 से लगी न्याय नगर एक्सटेंशन कालोनी में न्याय विभाग सोसायटी के पूर्व पदाधिकारियों ने अवैध तरीके से जमीन बेच दी। इसमें कई भूखंडों पर अवैध कब्जे हो गए। इस कारण यहां पात्र सदस्य अपने भूखंड पर काबिज न होकर दूसरे ही लोग जमे हैं। अवैध तरीके से कई मकान भी बन गए हैं। दूसरी तरफ जागृति गृह निर्माण सहकारी संस्था की राजगृही कालोनी की जमीन पीपल्याहाना में है। इस संस्था की जमीन भू-माफिया बाबी छाबड़ा की अन्य सोसायटी सविता गृह निर्माण सहकारी संस्था और दीपगणेश गृह निर्माण सहकारी संस्था को बेच दी गई। इस कारण राजगृही कालोनी के स्वीकृत नक्शे के प्लाट छोटे करने पड़े।

Posted By: Sameer Deshpande
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