जांच कमेटी के सामने आई 10 साल पहले की आर्थिक गड़बड़ी

Updated: | Sat, 27 Nov 2021 03:16 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। माता जीजाबाई शासकीय कन्या डिग्री महाविद्यालय में फीस घोटाला की जांच कर रही कमेटी के सामने कुछ ओर आर्थिक अनियमितताएं आई है। कमेटी सदस्यों को दस साल पहले परीक्षा शुल्क में गड़बड़ी को लेकर प्रमाण मिले है, जिसमें एक लाख 35 हजार रुपये परीक्षा के सालभर बाद कर्मचारियों ने जमा करवाए है। फिलहाल कमेटी ने इसे भी जांच के दायरे में ले लिया है। सदस्यों ने बाकी दस्तावेज भी मांगे है।

सत्र 2020-21 में प्रवेश के दौरान कई छात्राओं से फीस वसूलकर फर्जी रसीद थमाई गई थी। एमए की छात्रा कनिष्का आर्य की शिकायत पर कालेज ने जुलाई 2021 में जांच की। कर्मचारी से 15 छात्राओं की फीस जमा करवाई। लगभग 71 हजार 700 रुपये भरवाए गए। तत्कालीन दैनिक वेतनभोगी अतुल गौड़ ने इस्तीफा दे दिया। नियमित कर्मचारी नेमीचंद गौड़ का विभाग बदल दिया। तत्कालीन प्राचार्या डा. सुमित्रा वास्केल ने मामला दबाया। अतिरिक्त संचालक ने तीन सदस्य कमेटी को जांच सौंपी। इस बीच सदस्यों को शिकायत मिली, जिसमें 2010-11 में दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षा शुल्क में गड़बड़ी बताई गई।

सूत्रों के मुताबिक कर्मचारियों ने सालभर बाद 81 विज्ञान (64800) और 117 कला संकाय (76200) में पढ़ने वाली छात्राओं की परीक्षा का शुल्क जमा किया। 64800 की राशि 18 अक्टूबर 2011 और 76200 की राशि 19 नवंबर 2011 को स्टेट बैंक आफ इंडिया के खाते में जमा की। कर्मचारियों ने इंटर्नशीप और प्रोजेक्ट के चलते छात्राओं ने परीक्षा फार्म और फीस देरी से भरना बताया है। 2010-11 में परीक्षा नियंत्रक डा. श्री द्विवेदी रही थी। कर्मचारी में नेमीचंद थे। सदस्यों के मुताबिक इन दिनों फीस घोटाले और परीक्षा शुल्क की एक साथ जांच चल रही है। रिपोर्ट सौंपने में कुछ दिन ओर लगेंगे। अतिरिक्त संचालक डा. सुरेश सिलावट का कहना है कि अभी रिपोर्ट आना बाकी है। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: gajendra.nagar