Indore News: आयुर्वेदिक दवा के नाम में हेराफेरी कर बेचने वाली कंपनी का लाइसेंस होगा निलंबित

Updated: | Sun, 17 Oct 2021 04:59 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Indore News । आयुर्वेदिक दवा के नाम में हेराफेरी कर यौनशक्ति बढ़ाने वाली दवाइयां बनाने वाली कंपनी गुरुसाईं आयुर्वेदिक एंड हर्बल प्रोडक्ट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। साथ ही कंपनी के मालिक व संचालक बृजमोहन सिंघी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न भरने की स्थिति में कंपनी के मालिक को छह महीने की जेल भी हो सकती है।

जिला आयुष अधिकारी डा. हिम्मतसिंह डाबर ने बताया कि कंपनी के खिलाफ ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए विभाग के सचिव सह आयुक्त से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इंदौर की गुलाबबाग कालोनी में गुरुसाईं आयुर्वेदिक एंड हर्बल प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्म पर 28 सितंबर को प्रशासन, आयुष विभाग और क्राइम ब्रांच के दल ने छापामार कार्रवाई की थी। उस समय जांच में पाया गया था कि फर्म के संचालक को आयुष विभाग ने जिस नाम से लाइसेंस दिया था, वह उस नाम का उपयोग न करके शार्ट फार्म जीएएचपी का उपयोग कर रहा था। निर्माणशाला का भी पूरा पता नहीं लिखा जा रहा था।

फर्म का संचालक सिंघी द्वारा मिस ब्राडिंग कर आयुर्वेदिक औषधियां बनाई जा रही थी। जांच दल ने छापे के बाद कंपनी की सारी औषधियों को एक कमरे में सील किया हुआ है। इसके बाद से ही कंपनी का कामकाज भी बंद है। फर्म की यह कारस्तानी ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट-1940, नियम-1945 की धारा-33 के तहत गैरकानूनी मानी गई है। कंपनी द्वारा यौनशक्ति बढ़ाने वाली दवाइयां बनाई जाती थी जिसमें पाउडर, कैप्सूल और जोड़ों के दर्द का तेल भी शामिल है।

आयुष अधिकारी के अनुसार, फर्म के पास दवाइयां बनाने का लाइसेंस तो मिला, लेकिन सबसे बड़ी गलती यह है कि वह लाइसेंस की शर्तों के अनुसार अपने उत्पादों पर तय नाम का उपयोग न करके शार्ट फार्म लिख रहा था। जिस नाम से लाइसेंस दिया गया था, उसमें छेड़छाड़ कर किसी अन्य नाम का उपयोग दवाइयों के लेबल पर नहीं किया जा सकता।

Posted By: Sameer Deshpande