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Prakash Parv Indore 2020: नानक के प्रकट होने से दूर हुआ संसार में फैला काम, क्रोध, मोह का अंधेरा

Updated: | Mon, 30 Nov 2020 09:11 PM (IST)

Prakash Parv Indore 2020, इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गुरुनानक देव महाराज साहिब के 551वें प्रकाश पर्व पर सोमवार को विशेष गुरमत दीवान राजमोहल्ला स्थित खालसा कॉलेज में सजाया गया। इस मौके पर कीर्तनकारों ने शबद-कीर्तन की प्रस्तुति दी। बड़ी तादाद में मौजूद संगत ने गुरुग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका। आयोजन स्थल पर संगत की सेवा में 25 समिति के 250 से ज्यादा सेवादार जुटे हुए थे। सेवादार जोड़ा, पार्किंग, लंगर पैकेट वितरण, दीवान हाल और शारीरिक दूरी के नियम के पालन करवाने में जुटे हुए थे।

दीवान में प्रवेश से पहले सैनिटाइजर की शीशियां भी वितरित की जा रही थी। हालांकि कई बार यहां शारीरिक दूरी के नियम की अवहेलना होती भी नजर आई। इसमें जहां अधिकांश लोग मास्क पहने थे तो कुछ मास्क पहनने को नजर अंदाज भी कर रहे थे। दीवान की शुरुआत नितनेम साहिब व सुखमनी के सामूहिक पाठ साहिब के साथ हुई। सुबह से ही मत्था टेकने के लिए संगत की लाइन लगना शुरू हो गई थी।

चंडीगढ़ से आए भाई तवनीत सिंह ने जिउ करि सूरजु निकलिआ तारे छपे अंधेर पलोआ...शबद सुनाया। उन्होंने शबद का अर्थ समझाते हुए कहा कि जिस प्रकार सूरज के उगने पर आसमान में तारे छिप जाते हैं व अंधकार खत्म हो जाता है अर्थात प्रकाश हो जाता है। उसी प्रकार गुरुनानक साहिब इस संसार में प्रकट हुए तो जो क्रोध, लोभ, मोह का अंधकार दूर हो गया। गुरुबाणी के मनन करने से अपनाने से जीव के जीवन से अंधकार का नाश होता है। गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष मनजीत सिंह भाटिया और सचिव जसबीरसिंह गांधी ने कहा कि इस अवसर पर देवेंद्र सिंह गांधी, जगजीतसिंह टुटेजा आदि मौजूद थे।

इंदौर की संगत भाग्यशाली...जहां पड़े नानक के चरण

कपूरथला से आए गुरदीप सिंघ ने कहा कि जगत कल्याण के लिए नानक ने चार जनकल्याण यात्रा (उदासी) की। सभी जगह सत्य का उपदेश दिया व शबद का प्रचार किया। इससे भूले भटके लोग सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित हुए। इंदौर की संगत भी बहुत भाग्यशाली है जहां गुरु नानकदेव महाराज के चरण पड़े। इस स्थान पर गुरुद्वारा इमली साहिब है। इस स्थान पर 500 साल पहले इमली के वृक्ष के नीचे बैठकर गुरुनानक देव ने गुरबाणी का उच्चारण किया।

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com
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