12 दिसंबर को काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाएंगे इंदौर की हुकमचंद मिल के हजारों मजदूर

Updated: | Mon, 06 Dec 2021 09:36 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि । हुकमचंद मिल बंदी के 30 साल पूरे होने के दिन यानी 12 दिसंबर को मिल के हजारों मजदूर मिल गेट पर जमा होकर काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाएंगे। यह निर्णय मजदूरों की साप्ताहिक बैठक में लिया गया। 30 साल से मजदूर अपने हक के लिए न्यायालयों के चक्कर काट रहे हैं। मजदूरों ने अपनी मांगों के समर्थन में कुछ दिन पहले एक दिन का सामूहिक उपवास भी रखा था।

गौरतलब है कि 12 दिसंबर 1991 को हुकमचंद मिल प्रबंधन ने मिल पर ताला लगा दिया था। बगैर किसी घोषणा के मिल अचानक बंद कर दी गई थी। मजदूरों को न कोई मुआवजा दिया गया न उन्हें ग्रेचुएटी का भुगतान किया गया। यहां तक की तनख्वाह तक बकाया रह गई। अपने हक के लिए मजदूर 30 साल से न्यायालयों में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उच्च न्यायालय सालों पहले मजदूरों के हक में फैसला देते हुए उन्हें 229 करोड़ रुपये भुगतान करने के आदेश दे चुका है।

इस रकम का इंतजाम मिल की जमीन को बेचकर किया जाना है लेकिन जमीन बिक ही नहीं रही। इंटक के प्रधानमंत्री हरनाम सिंह धालीवाल, हुकुमचंद मिल मजदूर कर्मचारी समिति अध्यक्ष नरेंद्र श्रीवंश ने बताया कि मिल बंदी के बाद से हर रविवार मिल मजदूर बैठक कर अपने हक की मांग करते हुए मिल के गेट पर जमा होते हैं। इस बार भी मजदूर जमा हुए। तय हुआ कि 12 दिसंबर को मिल बंदी के 30 साल पूरे होने के दिन काला दिवस मनाया जाए। मजदूर अब गांधीवादी तरीकों से सतत आंदोलन की तयारी कर रहे हैं।

Posted By: Sameer Deshpande