दांपत्य जीवन को सुखमय बनाना है तो पति-पत्नी में परस्पर सामंजस्य जरूरी

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 11:49 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि।दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए पति-पत्नी में सामंजस्य होना जरूरी है।वर्तमान में रिश्तो में परस्पर प्रेम और विश्वास कम होता जा रहा है। इसके कारण ही जटिल समस्याएं उत्पन्ना होती है।रिश्तों की डोर को मजबूत बनाने के लिए परस्पर विश्वास होना आवश्यक है।संसार की सेवा करना चाहिए और प्रेम परमात्मा से करो।

यह बात संत रामप्रसाद महाराज ने रविवार को छत्रीबाग रामद्वारा में कही। वे श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण रुक्मणी विवाह के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोपियां परमात्मा से सच्चा प्रेम करती थी इसलिए कृष्ण उन्हें प्राप्त हुए।जीवन में सद्गुरु की आवश्यकता प्रत्येक मनुष्य को है। उनके बिना जीवन अधूरा है।इस मौके पर आओ सखियों मुझे मेहंदी लगा दो मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो जैसे गीत गाए गए।कृष्ण रुक्मणी विवाह के अवसर पर भगवान कृष्ण की बारात निकाली गई और वरमाला हुई। व्यासपीठ का पूजन सद्गुरु परिवार महिला समिति द्वारा किया गया। कथा का समापन सोमवार को ब्रज की होली के साथ दोपहर 3 बजे होगा।

मोतियों से सजी पोषख में नजर आएगा भगवान गणेश का परिवार

शुभ लाभ गणेश्वरी संस्था के तत्वावधान में शहर के प्राचीन खजराना गणेश मंदिर में विराजित शुभ-लाभ का 15वां स्थापना दिवस 30 नवंबर को मनाया जाएगा। इस मौके पर गणेश परिवार को मोतियों से सजी पोषाख पहनाकर फूल बंगले सजाकर गुबारों लगाए जाएंगे।। आराध्य का अभिषेककर छप्पन भोग लगाया जाएगा। शुभ लाभ गणेश्वरी संस्था के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा व महेश शर्मा ने बताया कि तत्वावधान में सुबह सात बजे शुभ-लाभ की मूर्तियों का फलों के रस, शिलाजीत, आम हल्दी, गिलोय, आंवला, मुलेठी, शंखपुष्पी, अश्वगंधा, शतावरी, तुलसी, अर्जुन छाल, दाल चीनी आदि औषधियों से अभिषेक पूजन किया जाएगा। इसके बाद सुबह 9 बजे लंबोदर परिवार को मोतियों से जड़ी पोषाखें पहनाई जाएगी। शाम को मंदिर परिसर को 10 क्विंटल पुष्पों सजाया जाएगा। शाम सात बजे आकर्षक श्रृंगार कर आरती होगी। इसके बाद छप्पन भोग भी लगाया जाएगा।

Posted By: gajendra.nagar