वीडियो देखिये, फीस नहीं भरी तो इंदौर में निजी स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को घर भेजने से रोका

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 09:39 AM (IST)

इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। चोइथराम स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के पालकों ने गुरुवार दोपहर जमकर हंगामा किया। पालकों का आरोप था कि सुबह बच्चें स्कूल बस से स्कूल गए थे। बच्चे घर नहीं पहुंचे तो परेशान पालक स्कूल पहुंचे तो पता चला कि स्कूल बस फीस के 1600 रुपये नहीं देने के कारण बच्चों को छोड़ने से इंकार कर दिया और बंधक बना लिया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पालकों की शिकायत स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों पर बंधक बनाने की गंभीर धारा में केस दर्ज किया है। वहीं स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को गलत बताया है।

पालक रवि शर्मा, अमित कुमार, मनीष वैध, संजय शर्मा और अन्य के अनुसार उनके बच्चे यहां पर पढ़ रहे हैं। सुबह स्कूल बस से ही स्कूल आए थे। रोजाना बच्चे एक बजे घर आ जाते हैं, लेकिन गुरुवार दाेपहर डेढ़ बजे तक बच्चे घर ही नहीं आए थे। जिसके बाद हम लोग स्कूल गए तो देखा बच्चे वहीं हैं। प्रबंधन से बात की तो उनका कहना था कि बच्चों को नहीं छोड़ नहीं सकते। आप लोगों ने फीस नहीं भरी है। इसलिए नहीं छोड़ा जाएगा।

इस पर पालकों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि आपने बच्चों को कैसे उतार दिया। जब बच्चे सुबह बसों से स्कूल आए तो दाेपहर में बसों से ही भेजा जाना था। एक पालक का कहना था कि इस तरह से केवल फीस के लिए आपने बच्चों को इस तरह से उतार दिया है। अगर ऐसे में कोई बच्चा डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर लेगा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। स्कूल प्रबंधन का कहना था कि बसों में जगह नहीं थी। इसलिए बच्चों को उतार दिया। इस पर पालकों का कहना था कि आप लोग ऐसा कैसे कर सकते हैं।

सुबह बच्चे जिन बसों से आए उसमें जगह कैसे भर गई। इस पर काफी हंगामा हुआ। प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दे दी। लसुड़‍िया पुलिस के अनुसार आवेदन मिला था। जिसके बाद बंधक बनाने और अन्य धारा में केस दर्ज किया गया है। इधर स्कूल के प्रिंसिपल यूके झा ने बताया कि आज स्कूल में परीक्षा थी। सुबह कुछ बच्चे बस से आ गए थे। कुछ बच्चों को पालकों ने स्कूल में छोड़ दिया था, लेकिन वे चाह रहे थे कि बसों से बच्चे घर आ जाए। कोविड प्रोटोकाल को देखते हुए ऐसा संभव नहीं था। बच्चों को छोड़ कर आने के बाद इन बच्चों को हम छोड़ने वाले थे। लेकिन पालकों ने हंगामा किया।

नहीं कर सकते फीस के लिए प्रताडित

जानकारों का कहना है न्यायालय ने इस संबध में स्पष्ट आदेश दिए हैं। जिसमें स्कूल संचालकों को फीस किश्तों में ही लेना है। वहीं वे लोग पालकों को फीस के लिए प्रताड़‍ित नहीं कर सकते है। ऐसे में बस फीस के लिए इस तरह से प्रताड़‍ित नहीं किया जा सकता है। मामले में पालक जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को भी शिकायत कर सकते हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay