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Water Logging in Indore: इंदौर के द्वारकापुरी में जलजमाव रोकने का स्थायी इंतजाम नहीं

Updated: | Tue, 22 Jun 2021 08:24 AM (IST)

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि), Water Logging in Indore। नाले किनारे बसे होने से द्वारकापुरी और प्रजापत नगर क्षेत्र में जलजमाव वर्षों पुरानी समस्या है। तेज बारिश से नाले में पानी बढ़ता है, जो किनारे बसे घरों में घुसता है। तेज बारिश के बाद हमेशा इन क्षेत्रों की गलियों में घुटने-घुटने जलजमाव होता है और बाद में निगम एक-दो मकान हटवाकर पानी निकलने का रास्ता बनाता है। लगातार पेश आने वाली समस्या के बावजूद इसे हल करने का ठोस इंतजाम नहीं किए जाता है। इधर, नगर निगम के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि द्वारकापुरी और प्रजापत नगर जैसे क्षेत्र सिरपुर तालाब के कैचमेंट एरिया में शामिल हैं। लगातार बारिश से जब तालाब और नाला भरता है, तो पानी बस्ती में घुसने लगता है। इस समस्या का स्थायी समाधान फिलहाल तो नहीं है। वर्षों पहले जब नाले किनारे ये बस्तियां बस रही थीं, तभी इसे रोका जाना चाहिए था। तब किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब बसाहट ज्यादा हो गई है। मकानों के कारण बरसाती पानी की निकासी में दिक्कत आती है।

एक हजार मकानों पर असर

द्वारकापुरी और प्रजापत नगर समेत आसपास के इलाके में हजारों मकान हैं। जलजमाव के कारण करीब एक हजार मकानों में रहने वाले लोग प्रभावित होते हैं। अफसरों ने बताया कि ढलान होने के कारण द्वारकापुरी क्षेत्र में फूटी कोठी तरफ का पानी आकर नाले में मिलता है। जलजमाव की एक वजह यह भी है। प्राकृतिक भौगोलिक स्थिति होने से बदलाव संभव नहीं है। निगम के अपर आयुक्त संदीप सोनी ने बताया कि इस साल निगम ने शहर के नदी-नालों में व्यापक पैमाने पर सफाई करवाई है। द्वारकापुरी क्षेत्र के नाले में भी सफाई की गई है, इसलिए इस साल वहां जलजमाव की आशंका कम है। हालांकि यह क्षेत्र कटोरेनुमा है इसलिए जलजमाव हो जाता है। यदि बहुत तेज बारिश के कारण जलजमाव हुआ तो निगम वहां से जल निकासी की व्यवस्था करेगा।

Posted By: Prashant Pandey
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