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World Heritage Day 2021: ऐतिहासिक धरोहरों का भंडार है हमारा मध्य प्रदेश- डा. पीयूष भट्ट

Updated: | Sun, 18 Apr 2021 02:35 PM (IST)

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि), World Heritage Day 2021। मध्य प्रदेश में में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा वर्तमान में 293 स्मारक और साइट संरक्षित हैं। इनमें से तीन स्मारक सांची स्तूप, भीमबेटका की गुफाएं और खजुराहो के मंदिर विश्व धरोहर स्मारक में शामिल हैं। जहां तक बात अन्य स्मारकों को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने की है तो मांडू और ओरछा को भी शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक धरोहरों का अपार भंडार है और उनके संरक्षण के साथ उनके बारे में लोगों को जानकारी देने की अपार संभावनाएं भी हैं। यह बात भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भोपाल मंडल के अधीक्षक व पुरातत्वविद् डा. पीयूष भट्ट ने नईदुनिया से एक विशेष साक्षात्कार में कही।

डा. पीयूष भट्ट विश्व धरोहर दिवस के मौके पर रविवार को दोपहर 12 बजे ई-मुलाकात में 'अपनी धरोहर अपना गौरव" विषय पर विचार साझा की। डा. भट्ट ने कहा कि 1982 में यूनेस्को की इंटरनेशनल काउंसिल आफ मान्युमेंट्स एंड साइंस शाखा ने जब इस दिन को मनाने का निर्णय लिया तो उसके पीछे यही मंशा थी कि संपूर्ण मानव जाति आने वाली पीढ़ी को अपनी पुरासंपदा के महत्व के बारे में बता सके कि उन्हें संरक्षित रखना कितना आवश्यक है। इसके जरिए इन धरोहरों को संरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है। विश्व धरोहर की सूची में जब कोई स्मारक या साइट शामिल हो जाती है तो वहां पर्यटकों का आवाजाही बढ़ जाती है।

यहां भी हो रहा प्रयास : भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का मुख्य कार्य शोध है। प्रदेश में जबलपुर के पास देवर व एरण में भी शोध जारी है। विदिशा के बीजामंडल में संग्रहालय बनाया है। उसमें 10वीं, 11वीं और 12वीं शताब्दी की जो मूर्तियां बीजामंडल से प्राप्त हुई थी उन्हें संरक्षित कर रखा गया है। बात अगर भेड़ाघाट के 64 योगिनी मंदिर की करें तो वह भी महत्वपूर्ण है और उसके रखरखाव पर काम किया जा रहा है।

विदेशी कंपनियां भी ले रही रुचि

मुरैना जिले के बटेश्वर क्षेत्र में 200 मंदिरों के समूह की जब हमें सूचना मिली तो हमने पाया कि वे सभी मंदिर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके थे। वहां पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षण के बाद रेस्टोरेशन का काम शुरू हुआ। 40 मंदिर पुन: बना दिए गए हैं। विभाग नेशनल कल्चर फंड के जरिए यह काम कर रहा है जिसमें विदेशी कंपनियां भी साथ दे रही हैं।

Posted By: Prashant Pandey
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