Itarsi News: कार्बाइन में मैग्जीन लोड करते समय चले कारतूस, आरपीएसएफ के चार जवान जख्मी

Updated: | Sun, 17 Oct 2021 10:57 PM (IST)

इटारसी (नवदुनिया प्रतिनिधि )। रविवार शाम करीब 4:30 बजे रेलवे मालगोदाम के सामने मौजूद आरपीएसएफ की अस्थाई बैरक में गोली चलने से हड़कंप मच गया। हादसे में रेलवे सुरक्षा विशेष बल के चार जवान घायल हुए हैं, इनमें एक के पैर एवं अन्य के गले एवं अन्य हिस्सों में गोली लगी है, हालांकि सभी को तत्काल इलाज मिलने से खतरे के बाहर बताया जा रहा है।

कार्बाइन लोड करते समय हादसा

रेलवे के पुराने गार्ड रनिंग रूम को ट्रेन पेट्रोलिंग में चलने वाली आरपीएसएफ की अस्थाई बैरक बनाया गया है। यहां भोपाल से आए जवान सुमित कुमार राणा, जगमोहन, राजीव एवं टिंकू समेत अन्य जवान कमरों में आराम कर रहे थे। सुमित को शाम 5 बजे 02618 मंगला एक्सप्रेस में ट्रेन गार्ड ड्यूटी पर जाना था, इसके लिए वर्दी पहनकर वह अपनी 9 एमएम की काबाईन में मैग्जीन लोड कर रहा था, बताया गया है कि हथियार तैयार करते समय अचानक चार राउंड फायर हो गए। सामने दीवार से टकराई गोलियों के छर्रे सुमित के पीछे बैठे जवानों को लगे, जबकि सुमित के पैर में छर्रे घुस गए। हादसे की जानकारी लगते ही तत्काल आरपीएफ जवानों की मदद से टिंकू को नर्मदा अस्पताल एवं तीन अन्य को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जीआरपी डीएसपी अर्चना शर्मा के अनुसार घटना की जानकारी आरपीएफ पोस्ट इंचार्ज देवेन्द्र कुमार ने फोन पर दी, देवेन्द्र कुमार किसी काम के सिलसिले में महाराष्ट्र गए हुए हैं।

इस घटना के बाद आरपीएफ मुख्यालय तक हड़कंप मच गया। आरपीएफ अधिकारी महज इसे हादसा बता रहे हैं, साथ ही जवानों के इलाज के बाद बयान एवं विभागीय जांच की बात कर रहे हैं।

आरपीएसएफ जवानों की तैनाती भोपाल से ट्रेन गार्ड में होती है। ड्यूटी से पहले शस्त्रागार से उन्हें कार्बाइन एवं मैग्जीन दी जाती है, जिससे ट्रेनों की सुरक्षा बनी रहे। शर्मा ने बताया कि इस मामले में किसी भी तरह की कार्रवाई सिटी पुलिस करेगी, चूंकि घटना क्षेत्र उनका है। सूत्रों के अनुसार जिस कमरे में गोलियां चली हैं, वहां दीवारों पर भी गोलियों के निशान आए हैं, बैरक में अन्य जवान भी मौजूद थे, इनसे भी घटना को लेकर पूछताछ की जा सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, हालांकि अधिकारी इस बात से इंकार कर रहे हैं।

नर्मदा अस्पताल प्रबंधक मनोज सारन ने बताया कि जख्मी जवान टिंकू पुत्र धर्मपाल को तत्काल डॉ. वीरेन्द्र राजपूत एवं ट्रामा टीम ने ऑपरेशन थियेटर में भेजा, जहां सर्जरी के बाद गले में फसे छर्रे बाहर निकाले गए। एक एमएम के दो छर्रे गले में फसे हुए थे, ऑपरेशन के बाद अब जवान की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। अन्य तीन जवान रेलवे अस्पताल में भर्ती हैं।

जांच होगी

हम भी इस मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। आरपीएफ अधिकारियों ने शाम पांच बजे बताया था कि शस्त्र की सफाई या लोडिंग के दौरान 4 गोलियां चली हैं। चार जवान हादसे में जख्मी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

अर्चना शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक जीआरपी।

Posted By: Lalit Katariya