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Jabalpur News: सिवनी से भटककर आए जंगली हाथी की बरगी में मौत

Updated: | Fri, 27 Nov 2020 09:06 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि।

वन विभाग की देखरेख में वन परिक्षेत्र बरगी में मौजूद सिवनी के एक जंगली हाथी की मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह आठ बजे हाथी का शव बरगी रेंज में मानेगांव के पास स्थित मोहास गांव के जंगल में पाया गया। यह खबर पाकर वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और वन्यजीव के शव पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार घटनास्थल से 40 किलोमीटर दूर गोसलपुर काष्ठागार में करना तय किया। इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मीडिया से दूरी बनाकर चुप्पी साधकर रखी। इससे साफ है कि वन विभाग की गलती से ही हाथी की मौत हुई है।

जिले की बरगी रेंज के मोहास गांव के जंगल में हाथी की मौत की खबर पाकर अंजना सुचिता तिर्की वनमंडल अधिकारी, आरडी महला वनसंरक्षक मध्य वनवृत्त मौके पर पहुंचे। दोपहर 12 बजे तक प्रोटोकाल के तहत वन अधिकारियों के साथ ही राजस्व विभाग, पुलिस और डॉ. एबी श्रीवास्तव सेवानिवृत वन्यप्राणी विशेषज्ञ, वाइल्ड लाइफ सेल, वेटरनरी कॉलेज व अन्य चिकित्सकों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जंगली हाथी के शव का गोसलपुर काष्ठागार में पोस्टमार्टम कराकर वहीं दफन करने का निर्णय लिया गया। इसलिए मौके से मृत हाथी का शरीर एक क्रेन से उठाकर हाइवा में लादकर गोसलपुर भेज दिया गया। गोसलपुर काष्ठागार में दोपहर 3.30 बजे से हाथी का पोस्टमार्टम शुरू किया। इस दौरान सेवानिवृत्त डॉ. श्रीवास्तव ने वन्यजीव का बिसरा निकाला, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।

दांत निकाले, बताया नहीं:

वन विभाग ने मृत हाथी के दांत निकाले या नहीं?, इसकी जानकारी नहीं दी है। जबकि प्रोटोकाल के तहत नर हाथी का शरीर दफन करने से पहले उसके दांत निकालकर सरकारी खजाने में जमा करना होता है।

मौत का कारण पता नहीं:

वन्यप्राणी विशेषज्ञ डॉक्टर हाथी की मौत के संभावित कारण खोज रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सिवनी के हाथी जंगल व खेतों में घूमते हुए घास, पेड़ों की पत्तियां और फसल खा रहे थे। किसानों ने इन दिनों खेतों में कीटनाशक का छिड़काव किया है। संभवत: हाथी ने जहरीली फसल या कोई वस्तु खा ली, जिससे उसकी मौत हो गई।

दूसरा हाथी कहां है?, पता नहीं:

मृत वन्यजीव और उसका एक साथी सिवनी जिले के जंगल से दल में निकलकर मंडला जिले की सीमा में पहुंचे थे। यह हाथी मंडला से लौटते समय अपने दल से बिछुड़ गए, जिन्होंने करीब चार दिन पहले वनमंडल जबलपुर की बरेला रेंज में प्रवेश किया। इन वन्यप्राणियों को तीन रेला से बरगी रेंज में मौजूद देखा गया। चौथे दिन एक हाथी की मौत के बाद दूसरा उसका साथी कहां चला गया, इसकी जानकारी वन विभाग को नहीं है।

वन अमले की कैसी नजर:

सिवनी के जंगल से निकलकर मंडला होकर वनमंडल जबलपुर में आए दोनों हाथी गुरुवार को ग्वारीघाट के उस पार भटौली गुरुद्वारा के पास मौजूद रहे। इन हाथियों पर वन परिक्षेत्र बरगी, जबलपुर, बरेला के वनकर्मी नजर रख रहे थे, लेकिन एक हाथी की मौत से सवाल खड़े हो रहे हैं।

15 दिन पहले अपनों से बिछुड़ा:

सिवनी के जंगल से करीब ढाई माह पहले करीब 20 हाथियों का दल निकला। हाथियों ने मंडला जिले की वनसीमा में प्रवेश किया और वातावरण अनुकूल पाकर करीब दो माह रहे। करीब 15 दिन पहले इन वन्यजीवों का दल सिवनी लौट गया। इसी दौरान दो हाथी अपने दल से बिछुड़ गए, जो साथियों को खोजते हुए कान्हा रिजर्व पार्क पहुंचे और दो दिन रहकर मंडला चले गए। वहां से भटके दोनों हाथी वनमंडल जबलपुर में आ गए।

Posted By: Brajesh Shukla
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