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Jabalpur News: रज्जाक के कब्जे वाली गौरेया घाट में चार करोड़ की भूमि मुक्त, शहर का कब्जा भी तोड़ा

Updated: | Sat, 28 Nov 2020 09:30 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि।

माफिया के खिलाफ सात दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई शनिवार को की गई। पहली कार्रवाई सुबह की पाली में शहर के गोहलपुर क्षेत्र में की गई। यहां खनन कारोबारी व रसूखदार अब्दुल रज्जाक के बेटे ने 1500 वर्गफीट से ज्यादा क्षेत्र में कब्जा कर लिया था। जिसे जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया। वहीं दूसरे दल ने थाना बरेला स्थित गोरैया घाट में रज्जाक द्वारा कब्जा की गई करीब चार करोड़ रुपये कीमत की सरकारी भूमि को कार्रवाई कर कब्जा मुक्त करा लिया।

डेढ़ हेक्टेयर में किया कब्जा :

प्रशासन के मुताबिक गोरैया घाट में अब्दुल रज्जाक निवासी बड़ी ओमती नया मोहल्ला के द्वारा लगभग 4 करोड़ रुपये की कीमत वाली शासकीय (नजूल) भूमि 1.54 हेक्टेयर में कब्जा किया गया था। यहां बर्सीम ( मवेशियों को खिलाये जाने वाली घास) लगा रखी थी और सीमेंट के पोल लगाकर फैंसिंग कर रखी थी। जहां भी पक्का निर्माण नजर आया,उसे जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई में विवाद होने की आशंका को ध्यान मे रखते हुये कार्रवाई के दौरान एसडीएम दिव्या अवस्थी, तहसीलदार नीरज तखरिया, नगर पुलिस अधीक्षक कैंट भावना मरावी, नगर निगम अतिक्रमण दस्ता प्रभारी सागर बोरकर सहित चौकी प्रभारी गौर एवं पुलिस बल मौजूद था।

शहर में भी कब्जा तोड़ा :

इसके पहले एसडीएम अधारताल ऋषभ जैन के नेतृत्व में गोहलपुर में जमीन मुक्‍त कराई गई। कार्रवाई में गोहलपुर थाने का पुलिस बल सहित नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अमला भी मौजूद था। तहसीलदार अधारताल प्रदीप मिश्रा के अनुसार हटाया गया अवैध निर्माण सरताज कंस्ट्रक्शन एंड कंपनी पार्टनर्स मोहम्मद एफराज खान वल्द अब्दुल रज्जाक निवासी बड़ी ओमती द्वारा जबलपुर मार्बल के नाम से किया गया था। इसके लिये नगर निगम से अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी। गोहलपुर में नाली एवं आम रास्ते की 500 वर्गफीट भूमि सहित कुल 1500 वर्गफीट भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है। सरकारी नाली की मुक्त भूमि की कीमत ही 20 लाख रुपये बताई जा रही है।

खदान को लेकर भी चर्चा :

अब्दुल रज्जाक के स्वजनों के नाम सिहोरा में मार्बल की खदान है। इस खदान में अनियमितता की पूर्व में भी शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंची थी, लेकिन ठोस कार्रवाई देखने नहीं मिली। इस बार प्रशासन कोई गलती नहीं करना चाहता है। खदान में सीमांकन से लेकर जियो मैपिंग तक की जा सकती है। यह जानकारी प्रशासनिक सूत्रों ने दी है। इससे पहले कांग्रेस नेता गजेंद्र उर्फ गज्जू के निवास पर भी जाने से पहले नगर निगम और राजस्व अमले द्वारा पुख्ता मैदानी रिपोर्ट तैयार की गई थी। उसी आधार पर अवैध कब्जा चि-त किया जा सका।

Posted By: Sunil Dahiya
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