बहुजन समाज पार्टी: विवादों में फंसी बसपा की बहुजन वालंटियर फोर्स की वर्दी, चार पर केस दर्ज

Updated: | Sun, 05 Dec 2021 03:26 PM (IST)

राजीव उपाध्याय, जबलपुर। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की बहुजन वालंटियर फोर्स की वर्दी विवादों में फंसती नजर आ रही है। यह वर्दी यातायात पुलिस की वर्दी (सफेद शर्ट, नीली पैंट, काले जूते) से मिलती है। शनिवार को सीधी की सिटी कोतवाली पुलिस ने यातायात पुलिस जैसी वर्दी पहनकर घूम रहे बसपा के तीन वालंटियर्स व बसपा जिलाध्यक्ष पर मामला दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि सराफा बाजार में रामराज पनिका, सूर्यभान साकेत व एक अन्य यातायात पुलिस की वर्दी पहन कर घूम रहे थे। पुलिस को आता देखकर वे लोग भाग गए। पुलिस ने तीनों व बसपा के जिलाध्यक्ष रामखेलावन रजक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले वर्दी पहनकर बसपा के नेता अपने कुछ वालंटियर्स को लेकर पुलिस के पास नियुक्ति की अनुमति मांगने पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने यातायात पुलिस से मिलती-जुलती वर्दी के उपयोग को अनुचित बताकर उन्हें यह कहकर चलता कर दिया था कि यातायात पुलिस जैसी वर्दी होने पर जनता को भ्रम हो सकता है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी के नेताओं का कहना था कि यह वर्दी और बहुजन वालंटियर फोर्स तो बसपा के संस्थापक स्व. काशीराम के समय से है।

प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रभाव रखने वाली बसपा ने सीधी जिले में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर इस फोर्स का गठन करना शुरू किया। सीधी में पार्टी के जिलाध्यक्ष रामखेलावन रजक ने फोर्स के पांच वालंटियर के लिए जो वर्दी बनवाई, वह यातायात पुलिस के आरक्षक और प्रधान आरक्षकों की वर्दी से मिलती- जुलती है। इस पर पदस्थापना के हिसाब से स्टार भी लगाए गए हैं। वालंटियर को उनकी पदस्थापना जिला, विधानसभा और सेक्टर के अनुसार क्रमश: तीन, दो और एक स्टार भी वर्दी पर लगाने के लिए दिए गए। बसपा नेताओं का दावा है कि उनकी यह फोर्स पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाएगी।

--------

यह जानकारी मिली है कि मुझे मिलाकर करीब चार लोगों पर मामला पंजीबद्ध किया गया है। वैसे बहुजन वालंटियर फोर्स तैयार करना कोई नई गतिविधि नहीं है। इनके कंधे पर वर्दी में स्टार होता है। बसपा हर जगह इस तरह की फोर्स तैयार करती है। यह वर्दी यातायात पुलिस की वर्दी से मिलती-जुलती नहीं है। हमारे स्वयंसेवकों की वर्दी में नीली पट्टी है, जबकि पुलिस की वर्दी में नीली पट्टी नहीं होती। मामला पंजीबद्ध होने के बाद हम अपने वरिष्ठों से प्राप्त निर्देश के अनुसार आगे कदम उठाएंगे।

- रामखेलावन रजक जिला अध्यक्ष बसपा, सीधी

------

सूचना मिली थी कि कुछ लोग यातायात पुलिस की वर्दी में घूम रहे हैं। मौके पर इसे सच पाया गया तो चार लोगों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है। वालंटियर नियुक्ति के मामले में संबंधित लोगों से अधिकृत पत्र मांगा था। उनसे कहा गया है कि वे यातायात पुलिस जैसी वर्दी धारण न करें। इससे लोगों को भ्रम होगा। यदि वे धारण करेंगे तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी, यह उन्हें बता दिया गया था।

- अंजूलता पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीधी

-----

पुलिस को यह जानकारी होनी चाहिए कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। काशीराम जी ने इस फोर्स का गठन किया था। उस वक्त से ही यह वर्दी चल रही है। हमने अपने नेताओं की सुरक्षा, कार्यक्रम में अपनी महिलाओं, बुजुर्गों की सेवा के लिए बहुजन वालंटियर फोर्स बनाई है। यह उत्तर प्रदेश व देश के अन्य प्रदेशों में भी है। पुलिस इस तरह से कुछ भी कार्रवाई नहीं कर सकती।

- रमाकांत पिप्पल, प्रदेश अध्यक्ष बसपा

--------

सीधी जिले में बसपा के वालंटियर्स बनाने की जानकारी मुझे प्राप्त हुई है। सीधी पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, कोई भी राजनैतिक दल वालंटियर बना सकता है। बशर्ते वे पुलिस के नियमों के आड़े न आएं।

केपी वेंकटेश्वरा राव, आइजी, रीवा

Posted By: Ravindra Suhane