Central Board of Secondary Education: ओएमआर शीट पर विद्यार्थी देंगे परीक्षा, आधे पाठ्यक्रम से कम होगा तनाव

Updated: | Thu, 21 Oct 2021 09:15 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई द्वारा नवंबर-दिसंबर में टर्म वन परीक्षाओं के लिए जाने की घोषणा कर दी है। इस घोषणा से विद्यार्थियों के बीच खुशी का माहौल है। इस खुशी की वजहों में सबसे बड़ी बात है कि आधे-आधे पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा होगी। गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा कोरोना के कारण उत्पन्न स्थितियों को देखते हुए पाठ्यक्रम को पचास-पचास प्रतिशत में बांट कर टर्म-वन और टर्म -टू परीक्षाओं के आयोजन के निर्देश दिए हैं। जिसमें टर्म- वन में आधे पाठ्यक्रम पर आधारित परीक्षाएं होंगी तो टर्म- टू में शेष आधे पाठ्यक्रम पर आधारित परीक्षा ली जाएगी। टर्म-टू के बाद जब परिणाम बनेंगे तब दोनों परीक्षाओं के अंकों को जोड़कर मुख्य परिणाम बनाए जाएंगे। इसका अर्थ ये है कि विद्यार्थियों को एक कक्षा की पढ़ाई आधे-आधे भाग में करना है। जिससे उन पर परीक्षा का बोझ और तनाव दोनों कम होगा साथ ही परिणाम को सुधारने के लिए एक विकल्प और शेष रहेगा।

विशेषज्ञ डा. राजेश चंदेल ने बताया कि कोरोना के कारण कब क्या होगा इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी। यही वजह है कि सीबीएसई ने परीक्षा के तरीकों में बदलाव किया। क्योंकि बीते साल की तरह इस वर्ष विद्यार्थियों को प्रमोट नहीं किया जा सकता। परीक्षा लेना तो आवश्यक है। यही सोच कर इस पद्धति से परीक्षा ली जाएगी। शहर के सभी सीबीएसई स्कूलों में इसी पद्धति के अनुसार विद्यार्थियों को तैयार किया गया है। पचास प्रतिशत पाठ्यक्रम के साथ वैकल्पिक प्रश्नपत्र के साथ परीक्षा होगी। जिसमें प्रायोगिक परीक्षाओं का भी पचास प्रतिशत होगा। इन परीक्षाओं के परिणाम स्वरूप कुल प्राप्तांक ही बताए जाएंगे। लेकिन टर्म-टू जो कि मार्च-अप्रैल में होगा वह वैकल्पिक न हो कर विस्तारित प्रश्नपत्र होगा। जिसमें विद्यार्थियों को पहले की ही तरह लिखना होगा। इस तरह सीबीएसई द्वारा दोनों तरह की परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को तैयार किया जाएगा। टर्म-वन की परीक्षा 90 मिनट की होगी। इससे कोरोना के कारण विद्यार्थियों में जो ज्यादा देर तक बैठने और लिखने की आदत खत्म हो गई है उसमें आराम रहेगा। लेकिन टर्म-टू के लिए विद्यार्थियों को लिखने का अभ्यास करना होगा।

विशेषज्ञ वर्षा चौहान ने बताया कि विद्यार्थियों को ओएमआर शीट पर आंसर पर टिक करने का अभ्यास कराया जा रहा है। जो विद्यार्थियों को आगे की परीक्षाओं के लिए भी अच्छा रहेगा। इस तरह से परीक्षाा देने से के लिए विद्यार्थियों में तनाव की जगह उत्साह है। साथ ही वैकल्पिक विषयों के लिए विद्यार्थियों को विषय का गंभीर अध्ययन करना है। जिससे उनकी जानकारी बढ़ेगी। शहर में स्कूलों द्वारा सभी कक्षाओं के टर्म-वन नवंबर-दिसंबर में ही आयोजित करने का प्रयास किया रहा है। वैकल्पिक प्रश्नपत्र का विकल्प हाई और हायर कक्षाओं के लिए है। मिडिल को आधे पाठ्यक्रम पर आधारित लिखित परीक्षा ही देना है। इसी के अनुरूप विद्यार्थियों को स्कूलों में अध्ययन कराया गया है।

Posted By: Ravindra Suhane