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Fake Remedies in Jabalpur : सिटी अस्पताल में सीजीएचएस इलाज के बिलों पर लगे रोक

Updated: | Wed, 12 May 2021 04:10 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सिटीजन वैलफेयर एसोसिएशन जबलपुर ने सिटी अस्पताल में सीजीएचएस इलाज के बिल रोकने पर बल दिया है। अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने सीजीएचएस के अपर निदेशक आरपी रावत को पत्र लिखा है। जिसमें तीन लाभार्थियों की शिकायत का हवाला दिया गया है। साथ ही नकीली रेमडेसिविर इंजेक्शन की बात सामने आने का तथ्य भी रेखांकित किया गया है। कोविड काल में इस अस्पताल से 170 सीजीएचएस लाभार्थियों का इलाज किया। ऐसे में बिल रोके जाने चाहिए। साथ ही जांच शुरू की जाए। मरीजों से इलाज के दौरान एडवांस राशि ली गई थी।

आरोपितों के खिलाफ धाराएं बढ़ाने की मांग : नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में आरोपितों के खिलाफ धाराएं बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधि विभाग अध्यक्ष ब्रजेश दुबे के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया। आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 328, 302 के साथ-साथ रासुका व यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने पर बल दिया गया।अधिवक्ता ब्रजेश दुबे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में उचित धाराएं नहीं लगाई हैं। कांग्रेस विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक कृष्ण तन्खा द्वारा इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की जा चुकी है। यदि पुलिस धाराएं नहीं बढ़ाती तो न्यायालय की शरण में जाएंगे। अधिवक्ता विशाल यादव , गोविद अहिरवार, मीनाक्षी स्वामी, जितेंद्र सिंह सहित अन्य ने मांग का समर्थन किया है।

हाई कोर्ट में भी होगा मोखा का विरोध : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार अध्यक्ष रमन पटेल के निर्देश पर अधिवक्ता रूपेश पटेल, आकाश शर्मा व सुजीत सिंह ठाकुर ने संकल्प लिया कि नकली रेमडेसिविर मामले के आरोपित सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा की जमानत अर्जी का हाई कोर्ट में भी विरोध होगा। इसके तहत आपत्ति दायर की जाएगी। अधिवक्ता जमानत अर्जी का विरोध करने खड़े होंगे। इसी सिलसिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इसके जरिये नकील रेमडेसिविर के आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर बल दिया गया। वकीलों ने संकल्प लिया कि वे मानवता के दुश्मनों को सबक सिखाकर रहेंगे।

Posted By: Sunil Dahiya
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