जिला, जनपद और ग्राम पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए जारी अधिसूचना को मप्र हाईकोर्ट में चुनौती

Updated: | Sat, 04 Dec 2021 08:47 PM (IST)

जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई कोर्ट में एक याचिका के जरिए जिला, जनपद और ग्राम पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है। शनिवार को प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व जस्टिस सुनीता यादव की युगलपीठ ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, पंचायत राज संचालनालय के आयुक्त सह संचालक, कलेक्टर दमोह, जिला पंचायत के सीईओ तथा जनपद पंचायत पटेरा के सीईओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी। 21 नवंबर 2021 को राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर आगामी पंचायत चुनाव में 2014 के आरक्षण रोस्टर के आधार पर चुनाव कराए जाने की घोषणा की है। इसके पहले 2019-20 में पंचायत चुनाव का आरक्षण निर्धारित कर दिया गया है।दमोह की ग्राम पंचायत भटिया के राजेश पटेरिया, ग्राम पंचायत कुटरी के राम कुमार मिश्रा तथा ग्राम पंचायत लोहारी के प्रीतम तिवारी ने याचिका दायर कर उक्त अधिसूचना को चुनौती दी है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता महेंद्र पटेरिया, बृजेश चौबे और सिद्घार्थ शर्मा ने दलील दी कि सरकार ने 2019-20 का पंचायत चुनाव का रोस्टर निरस्त किए बिना ही नई अधिसूचना जारी कर दी है, जोकि अवैधानिक है। उन्होंने दलील दी कि उक्त आरक्षण प्रक्रिया में तीनों याचिकाकर्ताओं की पंचायतें अनारक्षित घोषित कर दी गई हैं। अब नई अधिसूचना के कारण इन पंचायतों का आरक्षण रोस्टर पुनः बदल जाएगा।याचिका में मांग की गई है कि या तो राज्य सरकार की अधिसूचना को निरस्त किया जाए या नए सिरे से आरक्षण निर्धारित किया जाए।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay