consumer court: उपभोक्ता अदालत में भी लग सकते हैं लोकसेवा गारंटी के मामले

Updated: | Sun, 19 Sep 2021 06:50 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। लोकसेवा गारंटी के अंतर्गत लोकसेवा केंद्र में पेश मामलों में यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई न हो जो ऐसे मामले उपभोक्ता अदालत में भी लगाए जा सकते हैं। पटवारी आदि के चक्कर काटते रहने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता अदालत में मामला दायर करके इंसाफ के साथ-साथ क्षतिपूर्ति भी हासिल की जा सकती है। ऐसे ही एक मामले में उपभोक्ता अदालत ने राज्य शासन, लोकसेवा केंद्र सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है। मामले में अतिरिक्त तहसीलदार अधारताल, राजस्व निरीक्षक राजेश श्रीवास्तव, पटवारी निधि तिवारी व नरेंद्र यादव को पक्षकार बनाया गया है। इन सभी को जवाब देना है।

उपभोक्ता अदालत के चेयरमैन केके त्रिपाठी व सदस्य योमेश अग्रवाल की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान आवेदक की ओर से जबलपुर निवासी अधिवक्ता अरुण कुमार जैन की ओर से अधिवक्ता मनीष मिश्रा व विक्रम जैन ने पक्ष रखा। उन्‍होंने दलील दी कि आवेदक ने धारा-35 के अंतर्गत भूमि के सीमांकन का आवेदन पेश किया था। इसके लिए विधिवत 140 रुपये का शुल्क भी जमा किया गया था। सीमांकन के लिए अंमित तिथि छह सितंबर, 2021 निर्धारित की गई थी। लेकिन आवेदक के भरसक प्रयास के बावजूद सीमांकन के संबंध में कार्रवाई नहीं की गई। कुल मिलाकर इस तरह भटकाए व परेशान करने से आवेदक को जो मानसिक क्षति हुई है, उसकी भरपाई आर्थिक जुर्माने से भी नहीं हो सकती। लिहाजा, सेवा में कमी व अनुचित व्यापार प्रथा अंतर्गत ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मंशा से उपभोक्ता अदालत की शरण ली गई है।

Posted By: Brajesh Shukla