जबलपुर में सूदखोर दंपती को जेल, महादेव पर एक और एफआइआर, पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 09:54 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। एक सूदखोर से लिया कर्ज चुकाने के लिए निजी स्कूल का चपरासी कर्ज के बोझ तले दबता गया। कर्ज चुकाने के लिए चपरासी अन्य सूदखोरों व जान पहचान के लोगों से कर्ज लेता रहा। कर्ज का बोझ व सूदखोरों की प्रताड़ना इस कदर बड़ी कि उसने आत्महत्या करने का मन बना लिया।

स्वजन की समझाइश के बाद उसने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा से सूदखोरों के खिलाफ शिकायत की। शिकायत जांच उपरांत ओमती पुलिस ने सूदखोरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। इधर, सूदखोरों के खिलाफ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान में तीन एफआइआर (एक लार्डगंज व दो ओमती थाना) दर्ज की जा चुकी है। लार्डगंज में दर्ज प्रकरण में सूदखोर पति-पत्नी को गिरफ्तार कर कोर्ट के निर्देश पर जेल भेजा गया।

परिवार का मानसिक संतुलन बिगड़ा: तैयब अली पेट्रोल पंप के समीप निवासी सत्येंद्र प्रसाद करोसिया 39 वर्ष ने पत्नी के उपचार के लिए सूदखोर से कर्ज लिया था। ओमती थाना प्रभारी एसपीएस बघेल ने बताया कि कर्ज की अदायगी वह ब्याज समेत कर रहा था। परंतु माता-पिता, पत्नी व दो बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी होने के कारण वह कर्ज चुकाने में असहाय हो गया। जिसके बाद सूदखोर उसे जान से मारने की धमकी दी।

सूदखोर का कर्ज चुकाने के लिए उसे दूसरे सूदखोर से और ज्यादा ब्याज कर कर्ज लेना पड़ा। जिसके बाद पहले व दूसरे सूदखोर का कर्ज चुकाने के लिए तीसरे व इसी तरह चौथे सूदखोर से उसे कर्ज लेना पड़ा। हालात यह बने कि सूदखोरों के ब्याज का मीटर घूमता रहा। सूदखोर उसे परिवार सहित जान से मारने की धमकी देने लगे। सूदखोर उसकी पत्नी से अभद्रता करने लगे।

स्वजन की सलाह पर उसने पुलिस अधीक्षक से सूदखोरों के खिलाफ शिकायत की। शिकायत जांच उपरांत कैंट निवासी नीलेश मलिक, बेलबाग निवासी सुनील सोनकर, रामेश्वर सोनकर, रमेश केशरवानी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली। सूदखोर नीलेश ने उसे पांच फीसद ब्याज कर तीन लाख, सुनील ने 10 फीसद ब्याज पर 30 हजार, रामेश्वर ने 10 फीसद ब्याज पर 20 हजार रुपये उधार दिया था। ओमती निवासी रमेश केशरवानी ने एक फीसद ब्याज पर 15 हजार रुपये उधार दिए थे। धारा 506 तथा 3,4 कर्जा एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज कर तीनों सूदखोरों की तलाश की जा रही है।

ढाई लाख चुकाने के बाद सूदखोर ने बढ़ाया ब्याज का मीटर: ओमती पुलिस ने एक अन्य सूदखोर न्यू रामनगर अधारताल निवासी नत्थू प्रसाद गौतेल के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। टाउन हाल ओमती निवासी मनीष कुमार बिरहा ने उसके खिलाफ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। पुलिस ने बताया कि मनीष ने नत्थू गौतेल से तीन फीसद मासिक ब्याज पर साढ़े सात लाख रुपये उधार लिए थे। कर्ज देते समय नत्थू ने उससे आठ कोरे बैंक चैक हस्ताक्षर कर अपने पास रख लिए थे। करीब ढाई लाख रुपये ब्याज चुकाने के बासद मनीष ने नत्थू से ब्याज की जमा रकम की पावती मांगी। पावती मांगने के दो दिन बाद नत्थू ने मनीष से कहा कि अब भी उस पर साढ़े सात रुपये का कर्ज बकाया है। जिसकी अदायगी अब 10 फीसद मासिक ब्याज की दर से करनी होगी। विरोध करने पर नत्थू ने मनीष व उसके भाई चंद्रकांत को बैंक चैक अनादरित करवाकर झूठे केस में फंसाने व जेल में चक्की पिसवाने की धमकी दी। जिसके बाद वह लगातार दोनों भाईयों को शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देने लगा।

सूदखोर दंपती को जेल भेजा: जरूरतमंदों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए 20 फीसद ब्याज पर कर्ज देने वाले सूदखोर दंपती को गिरफ्तार कर लिया गया है। लार्डगंज थाना प्रभारी प्रफुल्ल श्रीवास्तव ने बताया कि नीता गुप्ता, ममता तिवारी, शैल तिवारी ने सूदखोर दीपक टेकवानी, उसकी पत्नी हर्षा टेकवानी तथा आशीष सेन के खिलाफ शिकायत की थी। महिलाओं ने महादेव पहलवान से जुड़े उक्त सूदखोरों से कर्ज लिया था। तीन गुना रकम चुकाने के बाद भी कर्ज बरकरार रहा। जिसके बाद सूदखोरों ने महिलाओं को धमकाना शुरू किया। उनके खिलाफ चैक बाउंस की कार्रवाई कर दी।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शिकायत जांच उपरांत एफआइआर दर्ज की गई। एसआइ सतीश झारिया के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने दीपक टेकवानी व उसकी पत्नी हर्षा को गिरफ्तार कर लिया। सूदखोरी के उक्त मामले में महादेव अवस्थी उर्फ महादेव पहलवान का नाम सामने आया। जिसके बाद उसके खिलाफ भी धारा 386 का प्रकरण दर्ज किया गया। उक्त प्रकरण में महादेव की गिरफ्तारी की जाएगी। महादेव फिलहाल जेल में बंद है। इधर सूदखोर दंपती को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया।

पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर: सूदखोर, भूमाफिया एवं चिटफंड कंपनी से संबंधित शिकायत के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 7587632800 जारी किया है। जिले के नागरिक सूदखोरों, भूमाफिया व चिटफंड कंपनियों के खिलाफ उक्त नंबर पर शिकायत कर सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायतकर्ता चाहें तो हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों में उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।

Posted By: Ravindra Suhane