EOW Action in Jabalpur: बैंक लाकरों की चाबियां गायब, अब तोड़कर निकाले जाएंगे दस्तावेज

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 09:53 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे जनपद पंचायत के सेवानिवृत्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी नागेंद्र यादव की नई-नई संपत्ति का पता चल रहा है। कान्हा नेशनल पार्क में भी अधिकारी की जमीन होने के दस्तावेज आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को मिले है। नागेन्द्र यादव की पत्नी अनीता के तीन बैंक लॉकरों को नहीं खोला जा सका। परिजन ने जांच अधिकारियों को लाकर की चाबियां गुमने का हवाला दिया। अब ईओडब्ल्यू की टीम ने बैंक अधिकारियों से बातचीत कर तीनो बैंक लाकरों को तुड़वाने की बात कही। जानकारी के अनुसार 25 अक्टूबर को तीनों लाकरों को यादव दंपत्ति और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में तोड़ा जाएगा।

ईओडब्ल्यू को कान्हा नेशनल पार्क के पास स्थित ग्राम मोचा में भी जमीन के दस्तावेज मिले है। आधा एकड़ यह जमीन पार्क से लगी होने के कारण बेशकीमती बताई जा रही है। ईओडब्ल्यू की टीम जमीन की वर्तमान कीमत का आंकलन कर रही है।

यह है मामला: ईओडब्ल्यू की टीम ने गुरुवार को यादव के तिलहरी के थीम पार्क स्थित फ्लैट समेत मंडला में छापामारी की थी। इस दौरान जांच में यादव की वर्तमान कीमत के अनुसार करोड़ो की अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है। वहीं उसके घर से सोने और चांदी के जेवरात समेत कार, मोपेड़ और जमीनों व मकानों के दस्तावेज मिले है। जिस वक्त यह संपत्ति खरीदी गई, उस वक्त उसकी अनुमानित कीमत 97 लाख रही। जो उसकी आय के मुकाबले 716 प्रतिशत अधिक थी।

पत्नी के नाम पर तीनों लॉकर: जांच के दौरान ईओडब्ल्यू की टीम को पता चला कि नागेन्द्र की पत्नी अनीता के नाम पर मंडला के महाराजपुर स्थित इलाहाबाद बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में तीन बैंक लॉकर है। ईओडब्ल्यू के अनुसार तीनों लॉकरों में जेवरात समेत कुछ अहम दस्तावेज मिल सकते हैं। इसी के डर के चलते नागेन्द्र और उसकी पत्नी ने ईओडब्ल्यू के सामने लॉकर की चाबियां पेश नहीं की।

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नागेन्द्र और उसकी पत्नी के नाम पर तीन बैंक लॉकर है। जिन्हें शुक्रवार को खोला जाना था, लेकिन परिजनों ने चाबियां गुमने की बात कही। बैंक प्रबंधन से बातचीत की गई। 25 अक्टूबर को लॉकरों को तोड़ा जाएगा।

मंजीत सिंह, डीएसपी, ईओडब्ल्यू

Posted By: Ravindra Suhane