HamburgerMenuButton

Jabalpur Railway News: गुड्स गार्ड के पद खाली, यात्री ट्रेन चलाने वाले चला रहे मालगाड़ी

Updated: | Thu, 26 Nov 2020 09:29 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ट्रेन की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन इन्हें चलाने वालों की नहीं। हालात यह है कि मालगाड़ी चलाने को लेकर भी रेलवे के पास पर्याप्त गुड्स गार्ड नहीं है। हालत यह है कि यात्री ट्रेन के गार्ड से मालगाडी चलवाई जा रही है। जबलपुर रेल मंडल में लगभग 58 गुड्स गार्ड के पद रिक्त हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए विभागीय प्रक्रिया पिछले डेढ़ साल से चल रही है, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया गया है। इसका खमियाजा यात्री ट्रेन चलाने वाले पैसेंजर गार्ड को उठाना पड़ रहा है।

धीमी गति से चल रहा काम, नहीं मिल रही पदोन्‍नति: संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने रेल प्रशासन को पत्र लिखा है, जिसके बताया गया है कि रेल प्रशासन नियम के विरुद्ध पैसेंजर ट्रेन के गार्ड और लोको पायलट से गुड्स ट्रेनों में ड्यूटी करवाई जा रही है, जिससे न सिर्फ उन्हें परेशानी हो रही है बल्कि उनके आत्म सम्मान को ठेस पहुुंच रही है। पमरे जोन के निर्देशों के बावजूद गुड्स गार्ड के पदों को भरने का कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। इससे प्वाइंट्समेन, टीएनसी, स्विचमेन, शंटिंग मास्टर, क्लर्क से लेकर केबिन मेन, टिकट कलेक्टर आदि कर्मचारियों को पदोन्‍नति मिलने में देरी हो रही है।

परिणाम आए मेडिकल भी हुआ, लेकिन नियुक्ति नहीं मिली: संघ प्रवक्ता एवं कार्यकारी महामंत्री सतीश कुमार ने बताया कि मंडल के सचिव डीपी अग्रवाल द्वारा पिछले कई दिनों से इस समस्या का समाधान करने की मांग उठा रहे हैं। शीघ्र पद भरने और चयनित कर्मचारियों को एक सप्ताह का कैप्सूल कोर्स करवाकर मालगाड़ी का संचालन करवाने की मांग की है। दरअसल गुड्स गार्ड के खाली पदों की अधिसूचना 26 फरवरी 2019 को जारी हुई थी, जिसके बाद परीक्षा परिणाम जारी होने के साथ कर्मचारियों के मेडिकल भी हो गया, लेकिन उन्हें अभी तक नियुक्ति नहीं दी है। इसका समाधान जल्द करने के लिए मजदूर संघ ने रेल प्रशासन से मांग की है।

Posted By: Ravindra Suhane
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.