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Jabalpur High Court news: हाई कोर्ट ने महिला सरपंच की बहाली पर लगाई रोक

Updated: | Mon, 30 Nov 2020 08:03 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश के जरिये महिला सरपंच रोशनी बाई की बहाली पर रोक लगा दी। इसी के साथ राज्य शासन, कमिश्‍नर जबलपुर, सीईओ जिला पंचायत को नोटिस जारी कर जबाव-तलब कर लिया। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।

न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता ग्राम पंचायत टिकरिया की उप सरपंच तुलसी शंकर कोरी की ओर से अधिवक्ता सुशील मिश्रा और रामजी चौबे ने पक्ष रखा। बहस के दौरान दलील दी गई कि जिला पंचायत के सीईओ ने अनियमितता के आरोप में मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत टिकरिया ग्राम पंचायत की सरपंच रोशनी बाई को पद से अलग कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ रोशनी बाई ने तत्‍कालीन जबलपुर कमिश्नर के समक्ष अपील प्रस्तुत की। जिसमें तुलसी शंकर कोरी और कार्यवाहक सरपंच रेखा बाई ने प्रकरण में पक्षकार बनाए जाने के लिए आपत्ति प्रस्तुत की।

कमिश्नर ने आपत्ति को दरकिनार करते हुए बहाल कर दिया था:

जबलपुर कमिश्नर ने दो जनवरी 2019 को आपत्ति को दरकिनार करते हुए सरपंच पद पर रोशनी बाई को बहाल कर दिया। अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के बाद एकलपीठ ने सरपंच की बहाली पर रोक लगा दी है। इससे पूर्व याचिकाकर्ता की ओर से विभिन्न् प्रमाण प्रस्तुत करके सरपंच की अनियमितताओं को रेखांकित किया गया। साफ किया गया कि पद से हटाने की कार्रवाई विधिसम्मत और आवश्यक थी। लिहाजा, वापस पद पर लाना ग्राम विकास की दिशा में बाधक सिद्ध होगा। ग्रामवासी जिस मंशा से सरपंच का निर्वाचन करते हैं, उसकी कसौटी पर खरा न उतरना धोखे से कम नहीं है। इसीलिए हाई कोर्ट को सख्त रुख अपनाना चाहिए।

Posted By: Sunil Dahiya
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