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Jabalpur News: हाई कोर्ट ने कहा -बीपीएल सूची के खिलाफ अपील सुनने का अधिकार नहीं तो खारिज करना गलत

Updated: | Sat, 28 Nov 2020 08:35 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि ।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि जब संभागायुक्त को बीपीएल सूची में नाम न होने के संबंध में अपील सुनने का अधिकार नहीं है, तो उन्हें अपील खारिज नहीं करनी चाहिए थी। लिहाजा, संभागायुक्त का दोषपूर्ण आदेश निरस्त किया जाता है। साथ ही याचिकाकर्ताओं को नए सिरे से सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत करने स्वतंत्र किया जाता है। बीपीएल सूची में नाम दर्ज कराए जाने के संबंध में दी गई इस व्यवस्था का सक्षम अधिकारी 15 दिन के भीतर विधि अनुसार विचार कर पालन सुनिश्चित करेंगे।

11 महिलाओं की ओर से दायर याचिका:

मामला जबलपुर के गलगला टोरिया निवासी शमीन बेगम, नसीम फातिमा, निर्मला श्रीवास सहित 11 महिलाओं की ओर से दायर याचिका से संबंधित था। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सोनाली बिस्वास ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सभी याचिकाकर्ता महिलाएं और उनके परिवार जन गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करते हैं। उन्होंने बीपीएल सूची में नाम शामिल करने के लिए जबलपुर कलेक्ट्रेट में आवेदन दिए। लेकिन ये आवेदन खारिज हो गए। इस पर सभी ने कलेक्टर के समक्ष अपील की। अपील भी ठुकरा दी गई तो संभागायुक्त के समक्ष द्वितीय अपील की गई। संभागायुक्त ने यह अपील 19 जून 2019 को खारिज कर दी। संभागायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि उन्हें यह अपील सुनने की अधिकारिता नही है। यह कहकर अपील को सक्षम अधिकारी एसडीएम के समक्ष नहीं भेजा गया और सीधे खरिज कर दिया गया।

कोरोनाकाल में हुई परेशानी :

बहस के दौरान अधिवक्ता सोनाली बिस्वास द्वारा दलील दी गई कि संभागायुक्त द्वारा उक्त अपील खारिज करने के चलते याचिकाकर्ताओं के नाम बीपीएल सूची में शामिल नही हुए। इसके चलते कोरोनाकाल में सभी को बेहद परेशानी हुई। उन्हें बीपीएल के लिए चलाई जा रही किसी सरकारी योजना का लाभ नही मिल सका। जबकि सरकार के नोटिफिकेशन के तहत बीपीएल सूची में नाम जोड़ने से संबंधित मामले सुनने का अधिकार एसडीएम को है। कायदे से संभागायुक्त को उक्त अपील एसडीएम को भेजनी थी। इसकी बजाय इसे खारिज करना असंवैधानिक है। तर्क से सहमत होकर कोर्ट ने संभागायुक्त के उक्त आदेश को निरस्त कर दिया। याचिकाकर्ताओं के बीपीएल सूची में नाम शामिल करने के आवेदन पर विचार कर समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

Posted By: Sunil Dahiya
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