Highcourt News : नियुक्ति तिथि से नियमित वेतनमान क्यों नहीं दे रहे

Updated: | Thu, 16 Sep 2021 04:13 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नियुक्ति तिथि से नियमित वेतनमान न दिए जाने के मामले में नगर निगम, जबलपुर से जवाब-तलब कर लिया है। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

आवेदन करने पर नहीं निकला नतीजा : इस दौरान याचिकाकर्ता एलपी दुबे की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति के बाद प्रारंभिक वर्षों में नियमितिकरण नहीं किया गया था। जब नियमितिकरण हुआ, तब से नियमिति वेतनमान दिया गया। जबकि नियमानुसार नियुक्ति तिथि से नियमित वेतनमान मिलना चाहिए। इस संबंध में निर्धारित नियम मार्गदर्शी हैं। कई बार आवेदन करने पर भी जब कोई नतीजा नहीं निकला तो हाई कोर्ट आना पड़ा। हाई कोर्ट ने सभी बिंदुओं पर गौर करने के बाद नगर निगम से जवाब मांग लिया। इससे पूर्व अधिवक्ता उपाध्याय ने साफ किया कि नियुक्ति तिथि से ही नियमित वेतनमान मिलना चाहिए। लेकिन नगर निगम से प्रारंभिक वर्षों की गणना नहीं की। इस वजह से सेवानिवृत्ति लाभ भी कम मिला है। यदि नियुक्ति तिथि से नियमित वेतनमान दिया जाए तो याचिकाकर्ता के परिवार को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। याचिकाकर्ता इंसाफ की लड़ाई लड़ते-लड़ते इस दुनिया से चला गया। अब उसका परिवार कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे में नगर निगम को लाभ देना चाहिए। इस तरह मनमाने तरीके से आवेदन दरकिनार करने का रवैया अनुचित है। हाई कोर्ट ने सभी तर्क रिकार्ड पर लेते हुए नगर निगम को तार्किक जवाब पेश करने कहा है। इससे पूर्व मौखिक जवाब से काम चलाया जा रहा था। पूर्व में भी नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन नगर निगम टाल मटोल पर उतारू है।

Posted By: Brajesh Shukla