कपड़े, जूते पर पांच से बढ़ाकर 12 फीसद जीएसटी किए जाने का जबलपुर चेंबर ने किया विरोध

Updated: | Tue, 07 Dec 2021 07:45 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कपड़े, जूते पर जीएसटी की दर पांच से बढ़ाकर 12 फीसद किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। जबलपुर चेंबर आफ कामर्स के पदाधिकारियों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि सरकार इस तरह के निर्णय लेकर किसान आंदोलन की तरह दूसरा आंदोलन खड़ा करना चाह रही है।

चेंबर के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने जारी बयान में बताया कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के कारण ट्रांसपोटेशन का खर्चा बढ़ गया है। जिसके कारण विभिन्न कंपनियों ने फुटवियर व कपड़ों के दाम छह माह में 15 फीसदी तक बढ़ा दिए है। सात फीसद जीएसटी बढे पर कीमत और बढ़ जाएंगी। आम नागरिक भी इससे प्रभावित होेंगे। 700 रुपये का जूता 850 का हो चुका है, जो हजार रुपये का हो जाएगा। यह बढ़ी हुई कीमतें जहां व्यापारियों लिए परेशानी का कारण बनेंगी, वहीं उनकी ब्रिकी भी घटेगी। सबसे बड़ी परेशानी, गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए होगी। क्योंकि बढ़े हुए कर का वास्तविक भार उन्हीं के ऊपर आएगा। बढ़ी हुई दरें एक जनवरी 2022 से लागू की जा रही है।

कपड़ा भी होगा महंगा : कपड़े पर जीएसटी बढ़ाए जाने से कपड़ा भी 37 से 40 प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। चेंबर अध्यक्ष ने कहा है कि रोटी, कपड़ा, मकान व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता है, सरकार भी यह मानती है। फिर भी इस पर कर बढ़ोतरी की जा रही है। हमें इस पर लड़ाई लड़नी होगी। कपड़ा के व्यापारी जीएसटी बढ़ाए जाने से नाराज हैं और आने वाले दिनों में व्यापारी संगठन उग्र प्रदर्शन भी कर सकते हैं।

Posted By: Brajesh Shukla