Jabalpur City News: पानी निकासी के लिए नालियों को बना दिया खतरनाक खुले नाले

Updated: | Mon, 25 Oct 2021 10:40 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम के राजीव गांधी वार्ड में एक इलाका ऐसा भी है जहां मूल सुविधा भी लोगों तक नहीं पहुंच रही है। आसपास की कई कालोनी से सीवेज का पानी यहां आकर थम जाता है। पानी की निकासी यहां के रहवासियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द है। हर मानसून में यहां के खाली मैदान तालाब में तब्दील हो जाते हैं। नालियों को हर साल जेसीबी से खोद-खोदकर नाला बना रहे हैं फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। नाले की चौड़ाई हर बार बढ़ रही है ऐसे में सड़क का हिस्सा कम हो रहा है। जिस वजह से वाहनों को निकलना जोखिम भरा हो गया है। गणपति बिहार और कृष्णा कालोनी के सैकड़ों परिवार इस समस्या से जूझ रहे हैं।

पक्का निर्माण पानी निकासी का नहीं: स्थानीय रहवासियों की माने तो कालोनी धीरे-धीरे बढ़ रही है। नए मकान बन रहे है लेकिन खाली पड़े प्लाट में बारिश का पानी भरा रहता है जिस वजह से बीमारियां फैलती है। बेहसहारा जानवर इस पानी में घूमते रहते हैं। इधर नालियों में पानी निकासी नहीं होने के कारण आसपास के घरों में पानी पहुंचता है। सिर्फ यहीं नहीं यहां रहने वाले हर कोई सिर्फ पानी निकासी की समस्या से परेशान हैं। लगातार नगर निगम के जोन क्रमांक 6 में इस संबंध में शिकायत भी की जाती है लेकिन पानी निकालने का कोई ठोस इंतजाम नहीं हो पाता है।

नाले का रूट बदला: शांतिनगर, आंबेडकर कालोनी, लाल बहाहुदर शास्त्री नगर से आने वाले सीवेज को मुख्य नाले में जोड़ने के लिए आंबेडकर कालोनी के पास ही गुजरे नाले से मिलाया जा सकता है लेकिन जनप्रतिनिधियों और निगम अफसरों ने इस नाले का मुंह गणपति बिहार की ओर मोड़ दिया। जिस वजह से क्षमता से ज्यादा पानी कालोनी में पहुंचकर लोगों के लिए परेशानी का सबक बन जाता है। पिछले 10 साल से लोग सिर्फ पक्का नाला बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों को सिर्फ आश्वासन मिलता है।

गांव की कच्ची सड़क: स्मार्ट सिटी बन चुके जबलपुर के इस मोहल्ले में अभी भी कुछ इलाकों में पक्की सड़क का निमार्ण नहीं हो सका है। नगर निगम के अफसरों को कई बार सड़क बनाने के लिए क्षेत्रीयजनों ने मांग पत्र दिया है लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बारिश में कीचड़ और नाले का पानी सड़क पर आने से यहां चलना मुमकिन नहीं होता है।

जानवर गिरकर हो रहे घायल: बेसहारा जानवर इस गहरे नाले में कई बार गिर चुके हैं। कई गाय चारे की तलाश में नाला पार करने के लिए उतरती है जिसमें फंस जाती है। कालोनी में रहने वाले लोगों को छोटे बच्चें को सड़क से लगे कच्चे नाले में गिरने का खतरा बना रहता है।

शाम ढलते ही नशाखोरों का जमावड़ा: गणपति बिहार के बाजू में खाली जमीन का बड़ा टुकड़ा है। जिस पर कानूनी विवाद है। इस वजह से यहां फिलहाल निर्माण नहीं हो रहा है। इस जमीन का उपयोग शाम के वक्त आसामाजिक तत्व नशा करने के लिए खूब करते हैं। मुख्य मार्ग से काफी भीतर होने के कारण पुलिस भी यहां सक्रिय नहीं हो पाती है। इसलिए दमोहनाका,समता कालोनी,चंडाल भाटा के आसपास रहने वाले तत्व यहां आकर आराम से नशा और जुआ खेलते हैं। कई बार शाम के वक्त महिलाएं भी इस क्षेत्र से निकलने से बचती है।

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क्षेत्र में पिछले विकास की गति धीमी है। सड़क पूरी नहीं बन पाई है कच्चे नाले में पानी जमा रहता है जिस वजह से बीमारियां पनपती है। यहां हर साल नगर निगम और जनप्रतिनधियों के दरवाजे पर लोग जाकर अपनी समस्या बताते हैं लेकिन समाधान स्थाई नहीं हो पाता है।

सुरेश अग्रवाल, निवासी गणपति बिहार

हमारा घर नाले के किनारे बना हुआ है। यहां पानी सालभर भरा रहता है नाले को जेसीबी से लगातार गहरा और चौड़ा किया जाता है ताकि पानी निकासी हो सके ये खतरनाक हो चुका है। सिर्फ यही नहीं गंदा पानी भरे होने के कारण बोरिंग का पानी भी दुर्गध वाला आ रहा है।

जर्नादन पांडे, निवासी गणपति बिहार

शाम के वक्त इस क्षेत्र में आसपास के इलाकों से असामाजिक तत्व खाली मैदान में जमा हो जाते हैं जिस वजह से अवैध कार्य होते हैं। महिलाओं को शाम के वक्त बाहर निकलने में डर लगता है। पुलिस की पेट्रोलिंग नियमित हो तो थोड़ा राहत मिले।

गोपीचंद वलीचा, निवासी गणपति बिहार

नालियां पक्की नहीं बनाई जा रही है हर बार घर के बाहर के निर्माण को क्षतिग्रस्त कर पानी निकासी का विफल प्रयास होता है। पानी भरने की वजह से कई बार वाहन चालक सड़क किनारे बने गड्डों में गिरकर घायल हो चुके हैं।

सुरेंद्र गर्ग, निवासी गणपति बिहार

नाले के पानी से तालाब घर के सामने बन चुका था इस संबंध में 500 से ज्यादा सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दी थी जिसके बाद सिल्ट से प्लाट को भरने का काम तो हुआ लेकिन पानी निकासी नहीं हुई। इस वजह से क्षेत्र में जलभराव होता है।

विपिन अग्रवाल, निवासी गणपति बिहार

Posted By: Ravindra Suhane