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Jabalpur Corona News: आंकड़े छिपाकर जनता व सरकार की आंखों में धूल झोंकी, अब 30 अप्रैल तक कोरोना के 10 हजार एक्टिव केस के अनुमान ने नींद उड़ाई

Updated: | Wed, 14 Apr 2021 01:10 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना संक्रमण के वास्तविक आंकड़ों को छुपाकर नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने और सरकार की आंख में धूल झोंकने वाले अफसरों के हाथ-पांव फूल रहे हैं। इसकी वजह हर दिन बढ़ रही कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार से अनुमान लगाया जा रहा है कि मासांत तक जिले में करीब 10 हजार एक्टिव केस हो सकते हैं, जिसके बाद मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

भयावह होते जा रहे हालात से निपटने के लिए सरकारी व निजी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की कवायद की जा रही है ताकि मरीजों को उपचार मिल सके। इधर, कोरोना के 602 नए मरीज सामने आए जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं काेरोना संक्रमित पांच मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस प्रकार जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 23 हजार 569 हो गई है जिसमें 297 मरीज जान गंवा चुके हैं। राहत की बात यह है कि मंगलवार को कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए 306 लोगों को होम व संस्थागत आइसोलेशन से छुट्टी दी गई। इस प्रकार अब तक 20 हजार 29 लोग कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। नए मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण कोरोना से रिकवरी दर घटकर 84.98 फीसद पहुंच गई है तथा सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 3 हजार 549 हो गई है जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। मंगलवार को 2 हजार 840 सैंपल की रिपोर्ट प्राप्त हुई तथा 2 हजार 444 संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुरारिया ने कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन न टूटने की िस्थति में 30 अप्रैल तक 8-10 हजार सक्रिय मरीजों का अनुमान लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने महामारी से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। अन्य जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैंं। ऑक्सीजन व रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी को काफी हद तक दूर कर लिया गया है।

गत वर्ष सितंबर में थे सर्वाधिक 1278 एक्टिव केस, अब साढ़े 3 हजार के पार-

इधर, सक्रिय मरीजों की सर्वाधिक संख्या 1278 गत वर्ष सितंबर माह में रही। जिसकी तुलना में 13 मार्च 2021 को यह संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि मरीजों की रफ्तार इसी तरह बनी रही तो जिले में संसाधन कम पड़ जाएंगे। इस दौरान आइसीयू, वेंटीलेटर समेत कोरोना के गंभीर मरीजों के उपचार में आवश्यक उपकरणों की कमी भारी पड़ सकती है।

चौहानी में एक दिन में 31 शवों का अंतिम संस्कार: मंगलवार को गढ़ा चौहानी मुक्तिधाम में 31 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें 30 शव कोरोना संक्रमित मरीजों के बताए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से तीन मरीजों के शव 11 अप्रैल से अंतिम संस्कार के लिए मेडिकल की मरचुरी में पड़े रहे। शहर के अन्य मुक्तिधामों में भी तमाम कोरोना संदिग्ध मरीजों के शव के अंतिम संस्कार की सूचना है। बताया जाता है कि कोरोना महामारी के कारण जिले में रोजाना तमाम मरीजों व संदिग्धों की मौत हो रही है। हालात यह हैं कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधामों में जगह की कमी पड़ने लगी है। यही वजह है कि मंगलवार को चार मरीजों के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया।

कोरोना@अब तक-

कुल संक्रमित-23569

स्वस्थ हुए-20029

सक्रिय मरीज-3549

मृत्यु-297

Posted By: Ravindra Suhane
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