Jabalpur Electricity News : सुरक्षा की अनदेखी से कंरट में झुलस रहे ठेका कर्मी

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 11:10 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बिजली कर्मचारियों का काम ठेका कर्मियों से करवाने का नतीजा है कि उन्हें लगातार करंट में झुलसना पड़ रहा है। वक्त पर न वेतन मिलता है और ना ही उनकी सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है। यही वजह है पिछले दो माह में आधा दर्जन से ज्यादा घटनाओं में ठेका श्रमिक करंट से झुलस चुके हैं। इसके बावजूद बिजली अफसर उनकी सुरक्षा को लेकर को किसी तरह की ठेका योजना नहीं बना रहे हैं।

चरगवां में ऐसा ही एक मामला आया जिसमें ठेका श्रमिक 11केवी सब स्टेशन में जंपर निकालते वक्त करंट में बुरी तरह से झुलस गया। घटना में ठेका कर्मी आकाश राठौर का दाहिना पैर, हाथ और सीना झुलस गया।

उपचार कराने की मांग : इस संबंध में मप्र विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ ने पीड़ित ठेका श्रमिक से मुलाकात की। उन्होंने ठेका कंपनी क्रिस्टल से पीड़ित कर्मी का उपचार करवाने की मांग की। बताया जाता है कि लापरवाही की वजह से यह घटना हुई। जिसमें कनिष्ठ अभियंता के कहने पर ठेका श्रमिक चरगवां डीसी के पास सब स्टेशन के पास जंपर को निकालने डिस्ट्रीब्यूशन बाक्स पर चढ़ा। तभी उसे 11 हजार वोल्ट का करंट लगा। घायल कर्मी को तत्काल नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे मेडिकल में उपचार के लिए भेजा गया। संघ के हरेंद्र श्रीवास्तव, कैलाश नागेश, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, जेके कोष्ठा, शशि उपाध्याय, महेश पटेल, मदन पटेल, अरुण मालवीय, इंद्रपाल सिंह, आजाद सिंह, पुरुषोत्तम, सुरेंद्र मिश्रा, ख्यालीराम राम, शंकर आदि के द्वारा क्रिस्टल कंपनी से ठेका कर्मी आकाश राठौर का इलाज कराने की मांग की है।

सुरक्षा उपकरण गायब : प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ठेका श्रमिकों को बिजली कंपनी सुरक्षा उपकरण नहीं मुहैया करवा रही है। श्रमिकों को लाइन स्टाफ के लिए मदद करने के लिए दिया गया है लेकिन उनसे बिजली के खंभों में चढ़कर काम करने का दवाब बनाया जाता है। यह कार्य भी उन्हें बिना हेलमेट, सुरक्षा रस्सी और दस्ताने दिए बगैर कराया जाता है। अफसरों को यह सामग्री देनी चाहिए लेकिन उनके द्वारा ऐसा नहीं होता है। जिसका नतीजा है कि लगातार हादसे हो रहे हैं।

Posted By: Brajesh Shukla