जबलपुर : चुनौतियों का सामना करने तैयार रहें इंजीनियर

Updated: | Sat, 27 Nov 2021 06:45 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पावर ट्रांसमिशन कंपनी के इंजीनियरों को पावर सेक्टर के अति उच्च दाब निर्माण से संबंधित वर्तमान की चुनौतियों का सामना करने तैयार रहना होगा। इसके लिए जरूरी है कि हमें नई तकनीकी व्यवस्थाएं अपनानी होगी क्योंकि वर्तमान में पावर सेक्टर में नए निर्माण के साथ पुरानी स्थापना के उन्नयन की भी एक बहुत बड़ी चुनौती है जिससे निपटने के लिए सटीक योजनाओं के साथ पावर सेक्टर में विकसित अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। हम तभी नए निर्माण के साथ पुरानी स्थापनाओं में आवश्यक बदलाव कर सकेंगे। यह बात वर्तमान स्ट्रक्चरल चुनौतियों पर ट्रांसमिशन कंपनी में आयोजित हुआ सेमीनार में विशेषज्ञों ने व्यक्त किए। अति उच्च दाब लाइनों और सब स्टेशनों की योजना उनके निर्माण और मेंटेनेंस से संबंधित तकनीकी सेमीनार में टकालकर पावर इंजीनियर्स एवं कंसलटेंट कंपनी के विशेषज्ञों ने संबोधित किया। गुजरात जेटको के पूर्व मुख्य अभियंता एसएम टकालकर ने शहरी क्षेत्र में ट्रांसमिशन सिस्टम के विस्तार और पुराने सब स्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइन के सुधार में भी नई तकनीक का उपयोग किए जाने पर जोर दिया। इस दौरान मुख्य अभियंता संजय कुलश्रेष्ठ, राजेश श्रीवास्तव, आरएस बघेल सहितअन्य अभियंता शामिल रहे। सेमिनार के समन्वयक अधीक्षण अभियंता एससी घोष थे।

नयी तकनीक अपनाएं जाने पर जोर : विशेषज्ञों ने शहरी क्षेत्र में ट्रांसमिशन सिस्टम के विस्तार और पुराने सब स्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइन के सुधार में भी नई तकनीक का उपयोग किए जाने पर जोर देते हुए बताया कि नई तकनीक के इस्तेमाल किए बिना पावर सेक्टर को बचाए रखना संभव नहीं होगा।

केस स्टडी के माध्यम से दी जानकारी : इस सेमिनार में नई लाइनों और नये सब स्टेशनों की डिजाइन, उनकी इंजीनियरिंग व निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं के अलावा केस स्टडी के माध्यम से अति उच्च दाब लाइनों और सब स्टेशनों में आने वाली दिक्कतों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई और उनका हल भी बताया गया। सेमिनार में वीडियो लिंक के माध्यम से प्रदेश के अन्य स्थानों के वरिष्ठ इंजीनियरों ने भी हिस्सा लिया।

Posted By: Brajesh Shukla